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MCI ने AMU के मेडिकल और डेन्टल कॉलेज में 26 सीटें बढ़ाईं

इसमें कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर के प्रयासों का विशेष योगदान है।

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Aligarh Muslim University

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अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और डॉ. जेड ए डेंटल कॉलेज के विभिन्न एमडी कोर्सेज में 26 सीटों की वृद्धि की गई है। एएमयू के शताब्दी वर्ष में यह प्रगति विश्वविद्यालय तथा अलीगढ़ बिरादरी के लिये प्रसन्नता का विषय है। इसमें कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर के प्रयासों का विशेष योगदान है।

सर्वाधिक सीटें एमडी (फार्माकोलोजी) में
मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) की संस्तुति के अनुसार शैक्षणिक वर्ष 2020-21 से एमडी (जनरल मेडिसिन) में 21 सीटें होंगी जिसमें वर्ष 1965 से अब तक 12 सीटें थीं। इसके अतिरिक्त एमडी कम्युनिटी मेडिसिन में एमसीआई ने सीटों की संख्या बढ़ाकर 11 कर दी हैं जो पूर्व में 6 थीं। इसी तरह एमडी (फार्माकोलोजी) में सीटों की संख्या बढ़ाकर 4 से 12 तथा एमडी (रेडियोडाग्नोसिस) में 9 से 12 कर दी गई हैं। डेंटल काउंसिल आफ इंडिया ने भी एमडी (ओरल एण्ड मेग्जीलोफेशियल सर्जरी) तथा एमडी (प्रोस्थोडोंटिक्स) में 1-1 सीट की वृद्धि की है।

क्या कहा कुलपति ने
कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एएमयू में सुविधाओं का उच्चीकरण उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष में व्यावसायिक कोर्स में सीटों की वृद्वि उत्साहवर्धक है तथा यह अमुवि संस्थापक सर सैयद अहमद खान को सही अर्थों में श्रद्धांजलि है। कुलपति ने इस सम्बन्ध में मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया, डेंटल काउंसिल आफ इंडिया, स्वास्थय एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा भारत सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया।

आपातकालीन मेडिसिन पर व्याख्या नदिया
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस (अंतिम वर्ष) के चार छात्रों ने यूरोप में मोंटी नेगरू की राजधानी पोडगारशिया में आयोजित विंटर स्कूल में भाग लिया। आपातकालीन मेडिसिन विषय पर आयोजित एक सप्ताह के इस कार्यक्रम का आयोजन मोंटेनेगरिन के मेडिकल छात्रों तथा युवा डाक्टरों की संस्था ने किया था जिसमें अरहम खान, हाज़िक जीमल, गेसू जमील तथा सायम अहमद ने भाग लिया। शीतकालीन स्कूल में भाग लेने के लिये पूरे विश्व से 25 स्नातक मेडिकल छात्रों का चयन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को आपातकालीन मेडिसिन में प्रयुक्त होने वाली टेक्नालोजी का प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा सीपीआर, ईसीजी, इमरजेंसी सर्जरी, ट्रेफिक दुर्घटनाओं का शिकार होने वाले रोगियों तथा सीने व पेट में लगने वाली चोटों तथा अपातकालीन परिस्थितियों से निबटने के बारे में जानकारी प्रदान की गई। मेडिसिन संकाय के अधिष्ठाता प्रो. आर महेश्वरी ने उक्त छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय कार्यक्रम में उनकी भागेदारी से दूसरे छात्रों को प्रेरणा मिलेगी।

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