
अलीगढ़। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। झांसी मेडिकल कॉलेज के बाद अलीगढ़ जिले में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां अतरौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से पर्चा लेकर अल्ट्रासाउंड कराने आई गर्भवती महिला का प्राइवेट अस्पताल में गर्भपात कर दिया गया। आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने जेवर उतारवा लिए। बता दें कि सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा न होने पर विभाग ने उक्त अस्पताल से अनुबंध कर रखा है।
गर्भपात के बाद जेवर उतरवाए
अतरौली के गांव मोहसमपुर निवासी विमलेश देवी का कहना है कि वो दो माह की गर्भवती थी। मंगलवार को चेकअप के लिए देवर मनोज और देवरानी के साथ सीएचसी गई। डाक्टर्स ने चेकअप के बाद पर्चा बनाकर अल्ट्रासाउंड कराने का परामर्श दिया। विमलेश पर्चा लेकर अनुबंधित प्राइवेट अस्पताल पहुंची थी। विमलेश का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर ने परिजनों को गुमराह कर उसका गर्भपात कर दिया। जबकि वो अल्ट्रासाउंड कराने आई थी। अस्पताल के स्टाफ ने 10 हजार रुपये मांगे। जिस पर परिजन ने दो हजार रुपये दे दिए। बकाया रुपये नहीं मिले तो अस्पताल के स्टाफ ने महिला के कानों से कुंडल व पैरों से पायल जबरन उतारवा लिये। उसे थप्पड़ भी मारा। इसके बाद पीड़ित महिला और उसके परिजनों ने गुरुवार को सीएचसी अधीक्षक से पूरे मामले की शिकायत की।
सीएमओ ने बैठाई जांच
इस मामले में सीएमओ एमएल अग्रवाल ने जांच बैठा दी है। अतरौली सीएचसी प्रभारी से दो दिन में जांच देने को कहा है। सीएचसी प्रभारी डॉक्टर कुलदीप राजपुरी ने बताया कि शिकायत मिल गई है। मामला गंभीर है। जांच की जा रही है। बता दें कि हाल ही में झांसी में मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर्स ने घायल युवक के सिर के नीचे उसी का कटा हुआ पैर रख दिया था। इसके बाद मैनपुरी में एम्बुलेंस न मिलने पर एक महिला ने जिला अस्पताल के ठेले पर दम तोड़ दिया। अब अलीगढ़ में इस घटना ने स्वास्थ्य महकमे की पोल खोलकर रख दी है।
Published on:
16 Mar 2018, 7:38 PM IST
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