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छात्र नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर कुलपति को दिया ज्ञापन

Aligarh news:अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति को विश्व विद्यालय से होने वाली समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया।

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कुलपति को ज्ञापन देते छात्र नेता

कुलपति को ज्ञापन देते छात्र नेता,कुलपति को ज्ञापन देते छात्र नेता

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महानगर मंत्री अंकुर शर्मा ने बताया कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय 3 फरवरी से स्नातक वर्ग से परीक्षाए करने जा रही हैं। महाविद्यालय का परीक्षा केंद्र लगभग 12 किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने यूजीसी के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। जिसमे परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र लगभग 25-25 किलोमीटर दूर बनाये गये है। जिससे परीक्षार्थियों के साथ किसी ना किसी प्रकार की घटना का खतरा बना रहता है। विश्वविद्यालय द्वारा कुछ महाविद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। जिनमें परीक्षार्थियों की संख्या 4000 के लगभग रखी गई हैं। ऐसे में इन महाविद्यालयों इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था व परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी है या नही इसकी जांच होनी चाहिए। इन कमियों में संलिप्त महाविद्यालयों पर कार्यवाही की जानी चाहिए और सरकारी, अर्द्ध सरकारी व वित्तविहीन आदि कॉलेजों की फीम में एकरूपता लाई जाए क्योंकि वर्तमान समय मे मकहाविद्यालय में अलग अलग फीस वसूली की जा रही है।कॉलेज इकाई अध्यक्ष पूरन यादव ने बताया कि 3 फरवरी से होने जा रही स्नातक वर्ग की परीक्षायें होने जा रही है। विद्यार्थी परिषद ने मांग की है। की परीक्षा के समय अत्यधिक केंद्रों पर सीनियर शिक्षकों की निगरानी में कमेटी बनाकर सचल दल दस्ते भेजे जाए जिससे नकल विहीन परीक्षा संम्पन्न हो सके।

छात्रों की समस्या को लेकर आखिर क्या कहा विश्वविद्यालय प्रशासन ने

कॉलेज इकाई अध्यक्ष पूरन यादव ने बताया कि 3 फरवरी से होने जा रही स्नातक वर्ग की परीक्षायें होने जा रही है। विद्यार्थी परिषद ने मांग की है की परीक्षा के समय अत्यधिक केंद्रों पर सीनियर शिक्षकों की निगरानी में कमेटी बनाकर सचल दल दस्ते भेजे जाए, जिससे नकल विहीन परीक्षा संम्पन्न हो सके व सत्र के मध्य कई महाविद्यालयों में अलग अलग मदो के नाम पर फीस मांगी जाती है। जो कि अवैध है। इस प्रकार के शुल्क पर तत्काल रूप से रोक लगाकर आने वाले दो दिनों में ऐसे महाविद्यालयों पर कार्यवाही की जाए अन्यथा की स्थिति में विद्यार्थी परिषद आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

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