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अलीगढ़। राष्ट्रीय लोक दल के नेता जियाउर रहमान का कहना है कि प्रशासनिक संरक्षण में उनकी हत्या की साजिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि 19 मार्च को उनके कमरे पर हमला किया गया जिसके बाद उन्होंने उसकी एफआईआर दर्ज करवाई। अगले ही दिन आरोपियों ने राजनीतिक षड्यंत्र के तहत अपने ऊपर फायरिंग करवाई और एक एएमयू के छात्र पर फायरिंग दिखाई। उसके बाद एक गोली शरीर में इंप्लांट कराई और इसका आरोप उन पर लगा दिया।
पुलिस भाजपा और आरएसएस के दबाव में कर रही काम
जियाउर रहमान ने कहा कि एसएसपी साफतौर पर गोली इंप्लांट की बात कहते हैं, उसके बाद भी आरोप राष्ट्रीय लोकदल के नेता पर लगा देते हैं। उन्होंने कहा ये पूरी तरह से गलत है। जियाउर रहमान ने कहा कि घटना के वक्त मैं अपने कार्यालय में था। मैंने सबूत के तौर पर पुलिस के सामने सीसीटीवी फुटेज रखें, तब भी पुलिस ने अपराधियों की तरह तत्काल मुझे जेल भेज दिया। जियाउर रहमान ने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा और आरएसएस के दबाव में काम कर रही है। लोकदल नेता ने कहा कि मेरा दोष सिर्फ इतना है कि मैं भाजपा और आरएसएस की नीतियों के खिलाफ छात्रों और नौजवानों के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहता हूं। इसके कारण मुझे 19 दिन जेल में रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि इसको लेकर मैं हाई कोर्ट जाऊंगा और अगर फिर भी पुलिस अगर एफआर नहीं लगाएगी तो व्यापक स्तर पर आंदोलन करूंगा। जियाउर ने कहा कि मैं शोषितों, नौजवानों और छात्रों की आवाज उठाता रहा हूं, वह लगातार जारी रखूंगा।
भाजपा और आरएसएस कर रहे लोकतंत्र की हत्या
जियाउर रहमान ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस लोकतंत्र और कानून की हत्या करने पर उतारू हो गये हैं। उन्होंने कहा कि अगर मेरी हत्या होती है तो उसके लिए अलीगढ़ का पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा। रालोद नेता जियाउर रहमान का कहना है कि इस मामले में आरोपियों ने बचाव के लिए पैसे के लेन देन की कहानी गढ़ी जो कि पूरी तरह गलत है। दरअसल ये लोग कुछ राजनेताओं के संरक्षण में काम करते हैं, जिनका मैं वक्त आने पर खुलासा करूंगा। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन ये सब जानता है लेकिन फिर भी उसने मुझे 19 दिन जेल भेजा। जबकि न तो मैं गुंडा हूं और न ही मेरा कोई आपराधिक इतिहास है।
Published on:
13 Apr 2018 01:17 pm

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