
UP News: “मैं सना के बिना रह नहीं सकता, उसकी कुछ मुश्किलें ऐसी थीं, इसलिए यहां (पाकिस्तान) आ गया, शायद अब कभी भारत न आ सकूं, मैं कुछ कर भी लूं तो रोना नहीं, आप लोगों की बहुत याद आती है, अब इस्लाम कबूल कर लिया है।” अलीगढ़ के बादल बाबू ने यह बात शुक्रवार को पाकिस्तान की अदालत में पेशी के बाद अपने माता-पिता से वीडियो कॉल पर कही। यह कॉल उनके वकील ने कराई थी। आपको बता दें कि बादल बाबू को 27 दिसंबर 2024 को पाकिस्तान की सीमा में बिना वैध दस्तावेजों के प्रवेश करने पर गिरफ्तार किया गया था।
दरअसल, बादल बाबू अलीगढ़ की तहसील अतरौली के बरला इलाके के खिटकवारी गांव के रहने वाले हैं और वो निवासी कृपाल सिंह के बेटे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान पुलिस ने बादल को पंजाब प्रांत के मंडी बहाउद्दीन में 21 वर्षीय सना रानी के माउंग गांव से गिरफ्तार किया था। यह गांव लाहौर से लगभग 240 किलोमीटर दूर है। बादल बाबू को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। शुक्रवार को जब बादल बाबू को अदालत में पेश किया गया, तो उनके वकीलों, कैसर इस्लाम और हम्माद, ने पैरवी की। पेशी के बाद, अदालत से बाहर आने पर वकीलों ने वीडियो कॉल के जरिए बादल बाबू की उनके माता-पिता से बात कराई।
पाकिस्तान में गिरफ्तार अलीगढ़ के बादल बाबू की रिहाई को लेकर उनके परिजन अब भी आशान्वित हैं। परिवार ने पाकिस्तान में अधिवक्ता नियुक्त कर उनके पक्ष में सभी जरूरी दस्तावेज ईमेल के जरिए भेज दिए हैं। शुक्रवार, 24 जनवरी को पाकिस्तान की अदालत में बादल बाबू की पेशी हुई, हालांकि अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है। पेशी के बाद, जब बादल बाबू ने वीडियो कॉल पर अपने माता-पिता से बात की, तो उन्होंने भारत वापस न आने की बात कही। इसके बावजूद उनके पिता कृपाल सिंह को अपने बेटे की रिहाई की पूरी उम्मीद है। परिवार का मानना है कि सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बादल बाबू को रिहा कर भारत लौटने का मौका मिलेगा।
Published on:
25 Jan 2025 03:02 pm
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