प्रयागराज

देवी दुर्गा को गाली देने के आरोपी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला, की ये कड़ी टिप्पणी

UP News: अदालत ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी सबको है लेकिन उसकी अपनी हदें भी हैं।

less than 1 minute read
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बोलने की आजादी के साथ एक जिम्मेदारी भी है।

UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवी दुर्गा को गाली देने के आरोपी एक व्यक्ति के मामले में कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की भी सीमाएं हैं। ऐसा नहीं है कि किसी को किसी के लिए कुछ भी कह देने का अधिकार है। अदालत ने ये टिप्पणी करते हुए व्हाट्सएप पर देवी दुर्गा को गाली देने के आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस मंजू रानी चौहान ने शिव सिद्धार्थ के खिलाफ आईपीसी की धारा 295ए और आईटी एक्‍ट की धारा 67 के तहत दायर चार्जशीट को रद्द करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार अपनी विशेष जिम्मेदारियों और कर्तव्यों के साथ आता है। यह नागरिकों को जिम्मेदारी के बिना बोलने का अधिकार प्रदान नहीं करता है। ना ही यह किसी को कुछ भी कह देना का लाइसेंस है।

क्या था मामला
शिव सिद्धार्थ पर व्हाट्सएप पर देवी दुर्गा पर अपमानजनक टिप्पणी वाले आपत्तिजनक मैसेज करने का आरोप है। इसमें पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है। जिसमें उसके खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। सिद्धार्थ ने इस चार्जशीट को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया। अदालत ने पाया कि पुलिस ने आवेदक के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए हैं। इस पर कोर्ट ने उसे राहत देने से इंकार कर दिया और चार्जशीट को कायम रहने दिया।

Published on:
05 Jun 2023 04:22 pm
Also Read
View All

अगली खबर