scriptAllahabad High Court canceled the dismissal of the teacher | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया अध्यापक की बर्खास्तगी रद्द, कहा- नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का नहीं है पालन | Patrika News

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया अध्यापक की बर्खास्तगी रद्द, कहा- नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का नहीं है पालन

हाईकोर्ट ने बलिया पीडी इंटरकालेज के अध्‍यापक की याचिका स्‍वीकार करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने दिया है। मामले में याची को विद्यालय प्रबंधन समिति ने वर्ष 1990 में नियुक्त किया था। नियुक्ति के समय धनंजय ने विभाग को शिक्षा विशारद प्रशिक्षण प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया था।

इलाहाबाद

Published: May 23, 2022 02:23:04 pm

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक बर्खास्तगी मामले में सुनवाई करते हुए आदेश को रद्द कर दिया है। मामले में हिंदी साहित्य सम्मलेन प्रयागराज की शिक्षा विशारद डिग्री के आधार पर नियुक्ति दी गई थी। जिसकी वजह से डिग्री की मान्यता नहीं होने के कारण बर्खास्तगी की गई थी। मामले में सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है अध्यापक के विरुद्ध कार्यवाही में नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। इसके साथ ही प्रकरण में शिक्षा विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करने की छूट कोर्ट ने दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया अध्यापक की बर्खास्तगी रद्द, कहा- नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का नहीं है पालन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया अध्यापक की बर्खास्तगी रद्द, कहा- नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का नहीं है पालन
हाईकोर्ट ने बलिया पीडी इंटरकालेज के अध्‍यापक की याचिका स्‍वीकार करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने दिया है। मामले में याची को विद्यालय प्रबंधन समिति ने वर्ष 1990 में नियुक्त किया था। नियुक्ति के समय धनंजय ने विभाग को शिक्षा विशारद प्रशिक्षण प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया था। जानकारी के अनुसार सन 2020 में अनामिका शुक्ला के एक नाम पर कई फर्जी शिक्षिकाओं का नियुक्ति प्रकरण सामने आने के बाद शासन ने प्रदेश भर में राजकोष से वेतन प्राप्त कर रहे शिक्षकों के अभिलेखों की जांच का आदेश दिया था। उसी कड़ी में धनंजय सिंह की डिग्री पकड़ में आई थी।
यह भी पढ़ें

थाने में तैनात महिला सिपाही से छेड़खानी करने वाला दरोगा गिरफ्तार, पत्नी पर लगा गंभीर आरोप

विभाग ने फरवरी 2021 में याची की सेवा समाप्त करते हुए वेतन वसूली का आदेश दिया था। बर्खास्तगी आदेश को याचिका में चुनौती देते हुए याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि सेवा समाप्ति से पूर्व न तो विभागीय जांच की गई और न ही इंटरमीडिएट एक्ट के प्रविधानों का पालन किया गया। हाईकोर्ट ने याची के अधिवक्ता के तर्को में बल पाया। कोर्ट ने याची को बहाल करने का आदेश देते हुए कहा कि उसे बर्खास्तगी अवधि का वेतन यथाशीघ्र प्रदान किया जाए। हालांकि विभाग को दोबारा विधि सम्मत कार्यवाही की छूट भी दी गई है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

हैदराबाद : बीजेपी की बैठक का आज दूसरा दिन, पीएम मोदी करेंगे संबोधितNIA की टीम ने केमिस्ट की हत्या की जांच के लिए महाराष्ट्र के अमरावती का किया दौराभाजपा ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में 'अर्थव्यवस्था' और 'गरीब कल्याण' पर प्रस्ताव किया पारित, साथ ही की 'अग्निपथ योजना' की सराहनाUdaipur murder case: गुस्साए वकीलों ने कन्हैया के हत्यारों के जड़े थप्पड़, देखें वीडियोAmravati Murder Case: उमेश कोल्हे की हत्या का मास्टरमाइंड नागपुर से गिरफ्तार, अब तक 7 आरोपी दबोचे गए, NIA ने भी दर्ज किया केसमोहम्‍मद जुबैर की जमानत याचिका हुई खारिज,दिल्ली की अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजाSharad Pawar Controversial Post: अभिनेत्री केतकी चितले ने लगाए गंभीर आरोप, कहा- हिरासत के दौरान मेरे सीने पर मारा गया, छेड़खानी की गईIndian of the World: देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस को यूके पार्लियामेंट में मिला यह पुरस्कार, पीएम मोदी को सराहा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.