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इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला,काफी समय तक शारीरिक संबंध बनाने की इजाजत नहीं देना मानसिक क्रूरता

Allahabad High Court News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए काफी दिनों तक पार्टनर को यौन संबंध बनाने से इनकार करना मानसिक क्रूरता बताया है।

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Allahabad High Court News

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Allahabad High Court News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए बड़ी टिप्पड़ी की है। हाईकोर्ट ने कहा कि काफी दिनों तक पार्टनर के साथ यौन संबंध नहीं बनाने की इजाजत देना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा, "अगर कोई पति या पत्नी अपने साथी को बिना किसी वजह के काफी समय तक शारीरिक संबंध बनाने की इजाजत नहीं देता है, तो यह मानसिक क्रूरता के बराबर है।

यह टिप्पणी जस्टिस सुनीत कुमार और जस्टिस राजेंद्र कुमार की बेंच ने की है। आपको बता दें कि पति की तरफ से हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 की धारा 13 के अंतर्गत तलाक याचिका फैमिली कोर्ट में दाखिल की गई थी। पारिवारिक मामलों की अदालत ने अपील को रद्द कर दिया था । पति ने इस आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

आपको बता दें कि इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट की एक नजीर को आधार बनाया और फैमली कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया और याचिकार्ता के पक्ष में आदेश सुनाया है।