
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहरे हत्याकांड के आरोपियों को जमानत पर रिहा करने से जाने क्यों किया इंकार
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमीन अतिक्रमण विवाद में फायरिंग कर दो लोगों की हत्या और बाद में घायल चश्मदीद गवाह की भी हत्या मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को जमानत पर रिहा करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने धर्मेंद्र व सत्तेंद्र की जमानत अर्जी पर दिया है। इनके खिलाफ गौतमबुद्धनगर के बादलपुर थाने में एफ आई आर दर्ज कराई गई है। जानकारी है कि 8 फरवरी 21 की रात सवा ग्यारह बजे 8 नामित सहित ग्यारह लोगों की गाली गलौज, मारपीट व फायरिंग से दो लोगों की हत्या करने व कई को घायल होने की एफ आई आर दर्ज कराई गई।
नरेंद्र की जमीन पर अतिक्रमण कर लिया गया था। ग्राम प्रधान मनोज के घर पर रात में मीटिंग बुलाई गई। बुलाने पर देवेंद्र नहीं आया।और साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। शिकायत कर्ता को गाली देने लगे।दूसरी तरफ से लोग पहुंचे।गोली से सुरेश, अमित व प्रेम घायल हो गए। अस्पताल में दो की मौत हो गई।तमाम चश्मदीद गवाह हैं।प्रेम जो घायल चश्मदीद गवाह था,16दिसंबर 21को उसकी भी हत्या कर दी गई। कोर्ट ने घटना को नृसंस हत्या करार दिया और जमानत अर्जी खारिज कर दी।
यह भी पढ़ें: उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा 2020: ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आरक्षण देने से हाईकोर्ट ने जाने क्यों किया इनकार कोर्ट ने कहा कि भर्ती विज्ञापन जारी हो चुका है। बीच में कमजोर आय वर्ग कोटे के अंतर्गत आरक्षण की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती। यह आदेश न्यायमूर्तिके जे ठाकर तथा न्यायमूर्ति अजय त्यागी की खंडपीठ ने संदीप मित्तल अधिवक्ता की याचिका पर दिया है।
Published on:
04 Apr 2022 10:19 pm

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