इन तीनों अपराधियों के पास तुर्की निर्मित पिस्तौल कैसे पहुंच गई, जिसकी कीमत लगभग 6 लाख रुपये है। तीनों शूटरों का गॉडफादर कौन है?
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की फिल्मी अंदाज में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड के बाद पूरे देश में इस बात की चर्चा तेज है कि आखिर अतीक-अशरफ की हत्या करने वाले तीनों शूटरों का गॉडफादर कौन है?
क्योंकि छोटे-छोटे मामलों में आरोपी इन तीनों अपराधियों के पास तुर्की निर्मित पिस्तौल कैसे पहुंच गई, जिसकी कीमत लगभग 6 लाख रुपये है। हत्याकांड को अंजाम देने वाले हमलावरों की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि वह ऐसी विदेशी पिस्तौल खरीद सके। अब बड़ा सवाल यह है कि उन्हें यह पिस्तौल किसने मुहैया कराया।
यूपी पुलिस के सूत्रों का कहना है कि लवलेश तिवारी और मोहित उर्फ सनी सिंह संभवत: पहली बार 2021 में बांदा जिला जेल में विचाराधीन कैदी के रूप में मिले थे। लवलेश को प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था, जबकि मोहित आर्म्स एक्ट के तहत जेल गया था।
2021 के आखिर में जमानत पर छूटने के बाद दोनों संपर्क में रहे और प्रयागराज आ गए। यहां उन्होंने मिशन को पूरा करने के लिए छोटे-मोटे काम भी किए। हमलावर सनी एक पेशेवर अपराधी है। हमीरपुर जिले के कुरारा थाने में उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।
यह घटना को तब अंजाम दिया गया जब अतीक को मेडिकल के लिए पुलिस जीप से उतारकर अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी हमलावरों ने मीडियाकर्मी बनकर पुलिस के सुरक्षा घेरे को तोड़ते ही अतीक पर बाईं ओर से गोली दाग दी।
जब तक पुलिस या साथ चल रहा उसका भाई अशरफ संभल पाता तब तक हमलावरों ने उस पर भी गोली दाग दी। गोली लगते ही दोनों ढेर हो गए।
अब इन शूटरों कौन है गॉडफादर यह जांच के बाद ही पता चलेगा। अभी ये तीनों शूटरों को प्रयागराज से दूर प्रतापगढ़ जेल में शिफ्ट किया गया है, जिससे किसी तरह की अनहोनी न हो। लेकिन यह तो सच है कि इस पूरे मामले में किसी ऐसे इंसान का दिमाग है जो अतीक की हर घटना पर नजर रख रहा था।