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Holi 2023: CM योगी ने बछड़े को लगाया रंग, जानें गाय के साथ होली खेलने के पीछे की धार्मिक मान्यता

Holi 2023: गाय को रंग लगाकर होली खेली जाती है तो गाय के गोबर से लक्ष्मीजी की मूर्ति बनाते हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह क्या है?

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Yogi Adityanath ki holi

गोरखपुर में बछड़े को रंग लगाते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश में आज होली की धूम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अलग-अलग कार्यकर्मों में होली खेली। उन्होंने आज होली की शुरुआत गोरखनाथ मंदिर में की गौशाला से की।

सीएम ने गौशाला पहुंचकर गौ माता और बछड़े को गुड़ खिलाया और अबीर भी लगाया। सीएम ने गाय के साथ होली क्यों खेली। आखिर इसके पीछे की कथा और महत्व क्या है। ये जानने के लिए हमने प्रयागराज के मेजा में रहने वाले पंडित देवेंद्र नाथ मिश्रा से बातचीत की।

गाय में रहते हैं 33 करोड़ देवता
पंडित देवेंद्र नाथ मिश्रा से हमने सवाल किया कि आखिर सब पशुओं में गाय को ही क्यों रंग लगाकर होली खेली जाती है। पंडित मिश्रा ने इसके जवाब में कहा, हिन्दू धर्म की मान्यता है कि 33 करोड़ देवी देवता गाय में वास करते हैं।

ऐसे में अगर हमने गौमाता के साथ होली खेल ली तो सभी देवी देवताओं के साथ होली खेल ली। गाय के साथ होली खेलने से सभी देवी-देवताओं के साथ होली खेलने का पुण्य और सौभाग्य मिल जाता है। यही वजह है कि होली पर गाय और बछड़े के साथ होली खेली जाती है।


गोबर से लक्ष्मीजी की मूर्ति क्यों बनाते हैं?
पंडित मिश्रा ने आगे बताया कि जब सभी देवी-देवता गाय में वास के लिए जा रहे थे तो लक्ष्मीजी इसके लिए तैयार नहीं हुईं। जब विष्णुजी भी चले गए तो लक्ष्मीजी का मन नहीं लगा। वो गौमाता के पास पहुंचीं और कहीं जगह देने की प्रार्थना की। इस पर गौमाता ने कहा कि पूरे शरीर पर देवता जगह पा चुके। अब तो सिर्फ वो जगह बची है, जहां से गोबर करते हैं। इसी वजह से होली पर गोबर से लक्ष्मी की मूर्ति बनाई जाती है।