Atiq and Asraf: जैनब फातिमा प्रयागराज आई। इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपना फोटो खिंचवाकर चली भी गई। पु‌लिस को भनक तक नहीं लगी। जैनब ने अग्रिम जमानत अर्जित दाखिल करने के लिए अपना पूरा हलफनामा भी तैयार करवाया। पुलिस को पता भी नहीं चला
वाला खुलासा हुआ है, 16 अगस्त को इलाहाबाद हाई कोर्ट के शासकीय अधिवक्ता कार्यालय में जैनब फातिमा की अग्रिम जमानत याचिका की कॉपी दी गई तब खुलासा हुआ। प्रयागराज के सुलेम सराय में 24 फरवरी को दिनदहाड़े अधिवक्ता उमेशपाल और उसके दो गनर की हत्या के बाद से ही पुलिस अतीक अहमद के परिवार के लोगों पर शिकंजा कस रही है।
जैनब फातिमा पर ये हैं आरोप
उमेश पाल हत्याकांड में शामिल शूटरों को भगाने में मदद करने का आरोप है। अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा का हाथ बताया गया था। पुलिस ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। जैनब को पुलिस कई राज्यों में तलाश कर रही है। जैनब को पकड़ने के लिए 11 स्थानों पर पुलिस ने छापेमारी की है, लेकिन उसके हाथ खाली हैं।
पुलिस को भनक तक नहीं लगी
जैनब ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकते हुए अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उसने वकील के माध्यम से अपनी अग्रिम जमानत याचिका का नोटिस शासकीय अधिवक्ता कार्यालय को भेज दिया। याचिका दाखिल करने के लिए जैनब ने खुद हाई कोर्ट के आईडेंटिटी सेंटर में हाजिर होकर फोटो खिंचवाई । चली भी गई।