
अतीक का दूसरे नंबर का बेटा अली भी सेंट्रल जेल नैनी में बंद है। तीनों को अलग-अलग बैरक में रखा गया है। अतीक के लिए नैनी जेल पुराने घर जैसा है। यहां उसके गैंग के मेंबर और करीबी बहुत सारे बंद हैं।
नैनी सेंट्रल जेल में अतीक, अशरफ और अतीक के बेटे अली ने रोजा रखने की इच्छा जताई है। तीनों ने जेल अफसरों से कहा है कि उन्हें रोजा रखना है। ऐसे में सहरी के वक्त कुछ खाने, पानी और अन्य चीजों का इंतजाम करा दिया जाए।
... तो क्यों अतीक ने क्यों रोजा रखने की कही बात
अली जेल में पहले से रोजा रख रहा है। बरेली जेल में अशरफ ने भी रोजा रखा था। अतीक साबरमती जेल से निकला गुटखा या पान खाए था। मंगलवार सुबह भी जिन लोगों ने अतीक को देखा यही बताया कि वह रोजा नहीं था। अब नैनी जेल पहुंचने पर अतीक ने भी रोजा रखने की बात कही है।
देर रात बदली गई अशरफ की सेल
नैनी सेंट्रल जेल में देर रात अशरफ की बैरक बदलनी पड़ी। पहले अशरफ को सर्किल नंबर दो के चार नंबर हाई सिक्योरिटी सेल में भजा गया था। वहां अंधेरा था। बिजली नहीं थी। ऐसे में अशरफ ने कहीं और शिफ्ट करने की बात कही। इसके बाद उसे सेल नंबर छह में शिफ्ट किया गया।
जेल अफसरों के निर्देश पर उस सेल में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। इससे पहले अशरफ ने नंबरदार से बैग उठवाया तो कहासुनी हुई। हालांकि जेल अफसरों ने कहासुनी की बात से इनकार किया है। रात में अशरफ ने दाल, चावल और दही मंगाई।
Published on:
28 Mar 2023 12:36 pm
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