
महंत नरेंद्र गिरि मामले में दूसरे आरोपी संदीप तिवारी की जमानत अर्जी खारिज, जाने कोर्ट ने क्या कहा
प्रयागराज: अखिल भारतीय अखाड़ा परिसद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के मौत के मामले में दूसरे आरोपी संदीप तिवारी की जमानत अर्जी को जिला न्यायालय ने खारिज कर दी। कोर्ट ने मामले में अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में अपराध की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए जमानत के लिए उचित आधार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती। इस तरह के अपराध से समाज विचलित होता है।
दूसरे आरोपी की जमानत अर्जी हुई खारिज
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरी मौत मामले के आरोपी संदीप तिवारी की जमानत अर्जी खारिज हो गई है। जिला न्यायालय ने संदीप तिवारी को जमानत देने से इंकार कर दिया है। मामले में कोर्ट जे आरोपी और सरकारी अधिवक्ताओं को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
कोर्ट ने कही ये बात
आरोपी की तरफ से पड़ी जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए जिला न्यायालय ने कहा कि विवेचना के दौरान मौके से सुसाइड नोट प्राप्त हुआ था। जिसमें यह स्पष्ट रूप से दर्शाया गया था कि मौत के लिए प्रेरित किया गया था। इसके अलावा मृतक का वीडियो भी तैयार किया गया है। मामले में कोर्ट ने कहा कि इस तरह के अपराध के गंभीरता को देखते हुए जमानत देना न्याय संगत के खिलाफ होगा।
संदिग्ध परिस्थिति में मृत पाए गए थे नरेंद्र गिरी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि 20 सितंबर 2021 को शव मठ बाघमबरी गद्दी में कमरे में मिला था। जिसके बाद महंत मौत मामले का आरोप उनके पूर्व में शागिर्द रहे स्वामी आनंद गिरी आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी के ऊपर लगा था। मठ कमरे के अंदर से एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें तीनों को मौत का जिम्मेदार ठहराया गया था। इसी मामले में सीबीआई जांच कर रही है।
Published on:
12 Mar 2022 02:52 pm
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