Prayagraj Hatyakand: बाइक पर आए हमलावरों ने उमेश पाल पर पहली गोली चलाने से फरार होने तक महज 47 सेकेंड लिए।
विधायक रहे राजूपाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की शुक्रवार को प्रयागराज में हत्या कर दी गई। उनके सिक्योरिटी के लिए 2 गनर भी दिए गए थे। हमले में उनके एक गनर की भी जान गई है। उनकी हत्या की वारदात को हमलावरों ने 47 सेकेंड में अंजाम दिया है।
उमेश पाल के ऊपर दिनदहाड़े उनके घर के सामने गोलियां बरसाई गईं। उमेश पर हमला तब हुआ जब वो कोर्ट से घर लौटे थे। उमेश के घर के सामने लगे एक CCTV में उन पर हमले की वारदात रिकॉर्ड हुई है।
4 बजकर 56 मिनट पर लौटे थे उमेश
24 फरवरी की शाम 4 बजकर 56 मिनट पर उमेश की सफद रंगी की कार धूमनगंज में उनके घर के सामने आकर रुकी। उमेश दरवाजा खोलकर अभी गाड़ी से ठीक से नीचे भी नहीं उतरे थे कि बाइक पर आए शख्स ने गोली चलाई। पहली गोली सीसीटीवी में 4 बजकर 56 मिनट 28 सेकेंड पर चली।
उमेश के गनर कार से उतरते तब तक एक और बाइक पर आ चुके थे। इन्होंने गनर पर भी गोली चला दी। दे दनादन गोलियां चल रही थीं। उमेश और दोनों गनर को गोलियां लग रही थीं तो दीवारों से भी बुलेट टकरा रही थीं।
उमेश पर बम भी फेंका गया
गोलियां लगीं तो उमेश घर की तरफ भागे, तभी एक हमलावर ने बम फेंका। सीटीवीटी में जब तक 4 बजकर 57 मिनट और 15 सेकेंड होते हमलावर दूसरे बम से उमेश पाल पर हमला करने के बाद अपनी बाइकों पर बैठ फरार हो चुके थे।
पहली गोली चली 4 बजकर 56 मिनट 28 सेकेंड पर हमलावर फरार हुए 4 बजकर 57 मिनट 15 सेकेंड पर। सिर्फ 47 सेकेंड में हमलावर वारदात को अंजाम दे चुके थे। हादसे के बाद बदहवाश परिजन उमेश को लेकर अस्पताल दौड़े लेकिन उनकोे बचाया ना जा सका। अस्पताल में डॉक्टरों ने उमेश और उनके एक गनर को मृत घोषित कर दिया।