
अस्पताल में मौजूद मृतक के परिजन (फोटो - पत्रिका)
ग्रामीण इलाकों में बिजली विभाग की लापरवाही और ढीली व्यवस्थाओं के कारण आए दिन बेकसूर लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। ऐसी ही एक एक दुखद घटना अलवर के बड़ौदामेव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव खडेला का बास में हुई है। यहां एक किसान अपने खेत पर काम करते समय बिजली हादसे का शिकार हो गया। मृतक की पहचान मोहन (38) पुत्र प्यारेलाल जाटव, निवासी खडेला का बास के रूप में की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब सात बजे मोहन रोज की तरह सामान्य तरीके से अपने खेत पर गया हुआ था। वह खेत में लगी बाड़ी (सब्जी और फसलों) में पानी लगाने यानी सिंचाई का कार्य कर रहा था। उसी दौरान खेत के बीच से गुजर रही 11 केवी (KV) हाईटेंशन लाइन के एक लोहे के खंभे (पोल) की अर्थिंग में अचानक बहुत तेज करंट उतर आया।
सुबह का समय होने और पानी लगाने के कारण आसपास की पूरी जमीन काफी गीली थी, जिसकी वजह से बिजली का करंट बहुत तेजी से फैल गया। मोहन अनजाने में काम करते-करते उस पोल की अर्थिंग की चपेट में आ गया। करंट इतना भीषण था कि वह बुरी तरह झुलस कर जमीन पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
मृतक किसान के बड़े भाई दुलीचंद ने रोते हुए बताया कि जैसे ही खेत के आसपास काम कर रहे अन्य ग्रामीणों को इस हादसे की भनक लगी, उन्होंने तुरंत शोर मचाया। चीख-पुकार सुनकर परिजन और ग्रामीण बदहवास हालत में दौड़कर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत बिजली सप्लाई को बंद करवाया और मोहन को करंट से दूर किया।
परिजन मोहन को लेकर तुरंत गंभीर हालत में बड़ौदामेव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की तरफ भागे, ताकि समय रहते उसकी जान बचाई जा सके। लेकिन डॉक्टरों ने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते ही मोहन की जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक, करंट का झटका इतना जोरदार था कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया था।
अस्पताल प्रशासन की तरफ से घटना की लिखित जानकारी तुरंत बड़ौदामेव थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल परिसर पहुंची और परिजनों से इस दर्दनाक हादसे की पूरी जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर अस्पताल के शवगृह में रखवाया।
इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए डॉक्टरों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए बिलखते परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। ग्रामीण अब बिजली विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए गरीब पीड़ित परिवार को उचित सरकारी मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
Updated on:
19 Jun 2026, 2:38 PM IST
Published on:
19 Jun 2026, 2:38 PM IST
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