
अपना अलवर जंक्शन भी बन सकता है स्वच्छता में नम्बर 1, लेकिन स्टेशन के बाहर की गंदगी बनने ही नहीं देती
अलवर. स्वच्छता सर्वेक्षण में अलवर जंक्शन को 31वें नम्बर से एक नम्बर पर लाने में नगर परिषद, यातायात पुलिस व प्रशासन ही रोड़ा बना हुआ है। जिसके कारण स्टेशन के बाहर आसपास के रोड पर अनावश्यक अतिक्रमण हो गए। ठेले व ढाबे वालों के आसपास गंदगी अधिक रहती है। अब अगले साल आने वाले नए सर्वेक्षण से पहले इसमें सुधार किया गया तो अलवर रेलवे स्टेशन से देश में स्वच्छता का संदेश जा सकता है।
12 हजार यात्री रोजाना निकलते हैं
अलवर जंक्शन से प्रति दिन करीब 12 हजार यात्री निकलते हैं। जिससे सरकार को करीब छह लाख का राजस्व मिलता है। इतनी संख्या में महिला-पुरुष व बच्चे जंक्शन पर आते हैं। काफी देर तक ट्रेनों का इन्तजार करते हैं। बाहरी अतिक्रमण व कचरे हट जाए तो जंक्शन की रैकिंग सुधर सकती है।
हर समय सफाईकर्मी
रेलवे जंक्शन पर हर समय सफाईकर्मी रहते हैं। स्टेशन अधीक्षक आरएल मीणा ने बताया कि दिन में दोपहर तक 12 सफाईकर्मी, दोपहर से शाम तक सात सफाईकर्मी व रात्रि को तीन सफाईकर्मी होते हैं। जो लगातार कचरे को हटाते हैं। प्लेटफॉर्म, वेटिंग रूम, शौचालय सहित अन्य जगहों की सफाई करते हैं।
एनसीसी कैडेट्स आगे आए
जंक्शन पर बीच-बीच में सफाई अभियान भी चलते हैं। जिसमें रेलवे कर्मचारी भी श्रमदान करते हैं। इनके अलावा एनसीसी कैडेट्स व कई संगठनों के सदस्यों के अलावा जागरूक लोग भी श्रमदान
करते हैं। कचरा फैलाने पर जुर्माने का भी है।
Published on:
04 Oct 2019 04:26 pm
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