राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर में शामिल होना अलवर जिले के लिए फिर भारी पड़ा है। एनसीआर की बाध्यता के चलते जिलावासियों को इस साल भी दीपोत्सव बिन आतिशबाजी ही मनाना पड़ेगा।दिल्ली एवं एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण की समस्या के निराकरण के लिए राज्य सरकार ने गत वर्ष परामर्शदात्री की ओर से विस्फोटक अधिनियम के तहत आतिशबाजी के अस्थाई लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाई थी।
अलवर. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर में शामिल होना अलवर जिले के लिए फिर भारी पड़ा है। एनसीआर की बाध्यता के चलते जिलावासियों को इस साल भी दीपोत्सव बिन आतिशबाजी ही मनाना पड़ेगा।
दिल्ली एवं एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण की समस्या के निराकरण के लिए राज्य सरकार ने गत वर्ष परामर्शदात्री की ओर से विस्फोटक अधिनियम के तहत आतिशबाजी के अस्थाई लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाई थी। इसके अलावा प्रदेश में सभी प्रकार की आतिशबाजी को बेचने व चलाने पर भी रोक लगाई गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट एव राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्णय को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पूर्व जारी आदेश में संशोधन किया। इस संशोधित आदेश के तहत एनसीआर क्षेत्र में आतिशबाजी को बेचने तथा चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
अलवर जिलेे में नहीं चल सकेगी आतिशबाजी
राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देशों के तहत अलवर जिले में दीपावली त्योहार एवं अन्य अवसरों पर आतिशबाजी पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। जिले में आतिशबाजी कोई बेच सकेगा और न ही उसे कोई चला सकेगा। इतना ही नहीं एनसीआर क्षेत्र अलवर जिले में ग्रीन आतिशबाजी चलाने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। यानि किसी भी प्रकार के पटाखे दीपावली पर चलाने की अनुमति नहीं होगी।
अलवर व भरतपुर के अलावा चल सकेंगे ग्रीन पटाखे
दीपावली पर अलवर एवं भरतपुर जिलों के अलावा अन्य स्थानों पर ग्रीन पटाखे तो चलाने की अनुमति होगी, लेकिन अन्य आतिशबाजी चलाने एवं बेचने पर प्रतिबंध रहेगा।
आतिशबाजी के अस्थाई लाइसेंस नहीं होंगे जारी
अलवर जिले में सभी तरह की आतिशबाजी की बिक्री एवं चलाने पर प्रतिबंध होने के कारण जिला प्रशासन की ओर से इस बार भी आतिशबाजी बिक्री के लिए अस्थाई लाइसेंस जारी नहीं होंगे। पिछले कुछ सालों से भी जिले में प्रशासन की ओर से अस्थाई लाइसेंस जारी नहीं किए जा रहे हैं।
बड़ी संख्या में लोगों को मिलता था रोजगार
दीपावली पर आतिशबाजी चलाने का शौक बच्चों एवं युवाओं में ही नहीं, बल्कि सभी आयु वर्ग एवं महिलाओं में रहता है। इस कारण पूर्व में दीपावली पर्व पर अनेक लोग अस्थाई लाइसेंस लेकर आतिशबाजी की बिक्री करते थे। शहर में कई जगह प्रशासन आतिशबाजी के अस्थाई मार्केट लगवाता था। लेकिन सरकार के आतिशबाजी बिक्री पर रोक आदेश से अस्थाई लाइसेंस लेकर आतिशबाजी की दुकान लगाने वालों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। हर साल अलवर जिले में दीपावली त्योहार पर कई करोड़ की आतिशबाजी की बिक्री होती रही है।
एनसीआर में पटाखों की बिक्री व चलाने पर रोक
एनसीआर क्षेत्र में पटाखों की बिक्री एवं चलाने पर रोक के आदेश हैं। इस कारण अलवर जिले में भी आतिशबाजी की बिक्री के लिए अस्थाई लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे।
ओपी सहारण
अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर अलवर