
अलवर में कप्तान छुट्टन लाल आदिवासी संघर्ष समिति की ओर से सोमवार को मिनी सचिवालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सांकेतिक धरना देकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के मुख्य गेट के बाहर टेंट लगाकर अपनी मांगों के समर्थन में धरना दिया, जिससे प्रशासन का ध्यान लंबे समय से लंबित मुद्दे की ओर आकर्षित किया जा सके।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष चेतन मीणा ने बताया कि भूगोर तिराहे का नामकरण स्वतंत्रता सेनानी कप्तान छुट्टन लाल के नाम पर किए जाने और वहां उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर वर्ष 2017 से लगातार जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। इसके बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय या कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे समाज में रोष व्याप्त है।
धरने में आदिवासी समाज के बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और कई गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। सभी ने एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक पहचान और महापुरुषों के सम्मान से जुड़े इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मांगों को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया गया। आदिवासी संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
Published on:
19 Jan 2026 02:58 pm
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