जिले में पानी रसातल में पहुंच रहा है, लेकिन किसान कृषि कनेक्शनों की कतार में लगे हैं। यही कारण है कि अभी जिले में 5449 किसानों को डिमांड नोट जमा कराने के बाद भी कृषि विद्युत कनेक्शन का इंतजार है।
अलवर. जिले में पानी रसातल में पहुंच रहा है, लेकिन किसान कृषि कनेक्शनों की कतार में लगे हैं। यही कारण है कि अभी जिले में 5449 किसानों को डिमांड नोट जमा कराने के बाद भी कृषि विद्युत कनेक्शन का इंतजार है।
जिले में अभी सतही जल परियोजना नहीं होने के कारण किसान सिंचाई के लिए पूरी तरह कुओं एवं ट्यूबवैल पर निर्भर है। सिंचाई के लिए बढ़ती पानी की मांग का नतीजा है कि अलवर जिले में भूजल का स्तर हर साल गिर रहा है। इस कारण जिले के सभी ब्लॉक डार्क जोन में आ चुके हैं। कई जगह भूजल का स्तर एक हजार फीट के पास पहुंच गया है। ऐसे में कृषि कनेक्शन भी हांफने लगे हैं। भूजल गिरावट का ही परिणाम है कि जिले में अब तक 13065 किसानों ने कृषि कनेक्शन के लिए फाइल लगाई, लेकिन इनमें इच्छुक 6664 किसानों ने ही कनेक्शन के लिए डिमांड नोट जमा कराया।
जिले में कृषि कनेक्शनों की मांग
जिले में अभी सिंचाई के लिए कृषि कनेक्शनों की मांग ज्यादा है। वर्ष 2022-23 में कृषि कनेक्शनों के लिए 6664 किसानों ने अब तक डिमांड नोट जमा कराया, इनमें विद्युत निगम 1215 किसानों को कृषि कनेक्शन जारी कर चुका है। वहीं जिले में 5449 कृषि कनेक्शन प्रक्रियाधीन है। इनमें 3335 कृषि कनेक्शन विद्युत निगम अलवर की ओर से दिए जाने हैं, वहीं 2114 कृषि विद्युत कनेक्शन जयपुर मुख्यालय की ओर से दिए जाएंगे।
कृषि के सामान्य कनेक्शनों की मांग ज्यादा
सिंचाई के लिए कृषि कनेक्शनों में भी सामान्य वर्ग के कृषि कनेक्शनों की सूची लंबी है। सामान्य वर्ग में करीब 4757 आवेदकों को डिमांड नोट जमा कराने के बाद कृषि कनेक्शन का इंतजार है, वहीं एससी वर्ग में 201 आवेदक अभी कतार में हैं। इसके अलावा डि्रप योजना में 490 तथा फार्म हाउस विद्युत कनेक्शन का एक आवेदक को कृषि कनेक्शन देना शेष है।
कृषि कनेक्शन की प्रक्रिया में आई तेजी
विद्युत निगम की ओर से आवेदक किसानों को कृषि कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया तेज की गई है। निगम की ओर से दो कम्पनियों को कृषि कनेक्शन जारी करने का जिम्मा सौंपा गया है। इनमें एक कम्पनी को थानागाजी, कोटकासिम, किशनगढ़बास, चिकानी, लक्ष्मणगढ़ एवं प्रतापगढ़ में 2710 कृषि कनेक्शन का लक्ष्य दिया गया है। वहीं दूसरी कम्पनी को रामगढ़, बहरोड़ ग्रामीण, मुण्डावर, सोडावास एवं रैणी में 2652 कृषि कनेक्शन जारी करने का जिम्मा दिया गया है।
नि:शुल्क हैं कृषि कनेक्शन
बिजली निगम की ओर से डिमांड नोट जमा कराने वाले किसानों को नि:शुल्क कृषि कनेक्शन देने की योजना है। इन कृषि कनेक्शन के दौरान किसानों को कोई राशि या सामान नहीं देना होता है। कनेक्शन के लिए विद्युत लाइन, पोल, ट्रांसफार्मर एवं अन्य सामान स्वयं कम्पन के ठेकेदार को लगाना होता है। कृषि विद्युत कनेक्शन के दौरान किसी प्रकार की राशि की मांग करे तो अधीक्षण अभियंता कार्यालय विद्युत निगम अलवर को शिकायत की जा सकती है।
10 सालों में 35 मीटर नीचे गया भूजल
भूजल विभाग के अनुसार अलवर जिले का पानी पिछले 10 सालों में 35 मीटर नीचे जा चुका है। प्रतिवर्ष 3 मीटर भूजलस्तर कम हो रहा है। इस कारण बोरिंग के लिए अधिकांश जगहों पर भीलवाड़ा मशीन का उपयोग हो रहा है। बानसूर में भूजल स्तर दस सालों में 28 मीटर नीचे गया है। इसके अलावा कोटकासिम व मुण्डावर में भी करीब 15 मीटर से अधिक भूजल जमीन के नीचे जाने पहुंच गया है। वेबसाइट के अनुसार बहरोड़ भूजल 100 मीटर से नीचे पहुंच गया है।
जल्द मिलेंगे कृषि कनेक्शन
डिमांड नोट जमा करा चुके किसानों काे कृषि कनेक्शन जल्द मिलेंगे। दो कम्पनियों को इसका जिम्मा सौंपा गया है। जयपुर मुख्यालय से कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं।
जेएल मीणा
अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण निगम अलवर