अलवर जिले में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष के लगभग बराबर है। मतदान भी महिलाओं का पुरुषों के लगभग बराबर है। लोकतंत्र के पर्व में पूरी भागीदारी निभाने के बाद भी उनकी चुनाव लड़ने में हिस्सेदारी कम है। पिछले दो विधानसभा चुनाव में महिलाओं के नामांकन में भागीदारी 20 फीसदी से कम रही।
अलवर. नाम भले ही आधी आबादी हो, लेकिन महिलाओं की लोकतंत्र के पर्व में भागीदारी हमेशा पूरी रही है। इसके बाद भी प्रत्याशी चयन में उनकी भागीदारी अभी 20 फीसदी तक भी नहीं पहुंच पाई है। यह हालत तो तब है जब भारत में पिछले दिनों ही महिलाओं को चुनाव में 33 फीसदी आरक्षण देने का बिल सभी राजनीतिक दलों ने एकराय से लोकसभा व राज्यसभा में पारित किया है। राजनीतिक दलों ने महिला आरक्षण का बिल तो पारित कर दिया, लेकिन महिलाओं को पर्याप्त 33 फीसदी उम्मीदवारी देने में उनकी झिझक अभी बरकरार है। यही कारण है कि लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से महिलाओं को उम्मीदवारी अंगुली पर गिनने लायक दी जा सकी है। इतना ही नहीं मतदाता और मतदान में महिलाएं पुरुषों से लगभग बराबरी का फर्ज निभाती दिखाई पड़ती है।
महिलाओं के जीतने के प्रति प्रमुख दलों में विश्वास कम
महिलाओं को चुनाव में पर्याप्त भागीदारी नहीं मिल पाने का बड़ा कारण प्रमुख राजनीतिक दलों में महिला उम्मीदारों के जीत पाने के प्रति विश्वास में कमी होना है। यही कारण है कि वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक, कांग्रेस ने तीन, बसपा ने एक, सपा ने दो, राजपा ने तीन महिला उम्मीदवार उतारी। इसके अलावा कुछ छोटे दलों और निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरी। इस चुनाव में अलवर जिले के 11 विधानसभा क्षेत्रों से 26 महिला उम्मीदवारों ने नामांकन किया। इनमें 3 महिला प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त हो गए, वहीं 6 ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इस तरह चुनाव मैदान में 17 महिला उम्मीदवार बची,जिसमें 14 की जमानत जब्त हुई। जबकि विधानसभा चुनाव 2013 में 178 पुरुष प्रत्याशियों ने नामांकन किया। इसी तरह वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में 16 महिला उम्मीदवारों ने नामांकन किया, इनमें 2 महिला प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हो गए, वहीं दो ने नामांकन वापस ले लिए। चुनाव मैदान में 12 महिला उम्मीदवार बची, जिनमें दो 9 की जमानत जब्त हो गई।
कुछ ही विधानसभा क्षेत्रों में महिला उम्मीदवारी
वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में तिजारा में तीन, मुंडावर में 4, बहरोड़ व बानसूर में एक- एक, थानागाजी में दो, अलवर ग्रामीण में 4, अलवर शहर में दो, राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ में 5 एवं कठूमर में 4 महला उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ने की हिम्मत जुटाई। शेष में महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ पाने का साहस नहीं जुटा पाई। इनमें से दो महिला प्रत्याशी विधानसभा में पहुंचने में कामयाब रही। वहीं 2018 विधानसभा चुनाव में तिजारा से 3, मुण्डावर, अलवर ग्रामीण, अलवर शहर में एक- एक, बहरोड़ में दो, बानसूर में 3, रामगढ़ में दो, राजगढ़ व लक्ष्मणगढ़ में तीन महिला प्रत्याशियों ने नामांकन किया। इनमें कांग्रेस की दो महिला उम्मीदवार जीत दर्ज कराने में कामयाब रही।
मतदान में भी बराबरी की भागीदारी
महिला मतदाता संख्या में पुरुषों के लगभग बराबर नहीं है, बल्कि लोकतंत्र के पर्व मतदान दिवस पर पूरी भागीदारी निभाती रही है। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं ने 77.30 फीसदी मतदान किया, वहीं वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में 74.66 प्रतिशत मतदान किया।
विधानसभा पु. महिला कुल लिंगानुपात महिला 2018 2013
तिजारा 138223 122286 260509 885 80.64 84.62
किशनगढ़बास 133410 120935 254345 906 76.31 78.32
मुण्डावर 124277 113057 237334 910 72.30 77.81
बहरोड़ 121395 110680 232075 912 75.03 77.22
बानसूर 133846 117538 251384 878 76.59 78.51
थानागाजी 117912 102497 220409 869 80.21 81.21
अलवर ग्रामीण 137660 122755 260415 892 73.86 75.76
अलवर शहर 135959 125072 261031 920 66.15 69.02
रामगढ़ 143238 127258 270496 888 79.92 79.72
राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ 140695 122474 263169 870 70.43 74.62
कठूमर 121778 108534 227612 869 71.15 75.32
कुल 1448393 1290386 2738779 891 74.66 77.30