विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस व भाजपा के बीच मुकाबले की तस्वीर साफ हो चुकी है। कहीं सीधा तो कुछ सीटों पर त्रिकोणीय संघर्ष के आसार बन रहे हैं। नाम वापसी के बाद अलवर जिले की 11 सीटों पर 113 उम्मीदवार चुनावी मैदान में बचे हैं। इनमें पांच सीटों पर कांग्रेस व भाजपा में सीधी टक्कर, पांच पर त्रिकोणीय व एक पर पंचकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है।
विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार दोपहर नाम वापसी की अवधि खत्म होने के बाद अलवर जिले की 11 सीटों पर प्रत्याशियों के बीच मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई। इनमें पांच सीटों पर कांग्रेस एवं भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होने की उम्मीद है, वहीं छह सीटों पर चुनावी टक्कर त्रिकोणीय हो सकती है। जिले में चुनाव मैदान में अब 113 उम्मीदवार बचे हैं। इस बार बागी उम्मीदवार कई सीटों पर मुकाबले को रोचक बनाते दिख रहे हैं।
विधानसभा चुनाव के लिए अलवर जिले की सभी 11 सीटों पर नाम वापसी का कार्य पूरा हो गया तथा शेष उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न का आवंटन कर दिया गया। इसी के साथ ही विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों के बीच मुकाबला भी लगभग तय हो गया।
11 सीटों पर चुनाव मैदान में 113 प्रत्याशी
अलवर जिले की 11 सीटों के लिए इस बार 146 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए, इनमें से 12 प्रत्याशियों के नामांकन जांच के दौरान निरस्त हो गए। वहीं 21 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए। अब जिले की 11 सीटों पर 113 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं। इस बार प्रत्याशियों की संख्या पिछले विधानसभा चुनाव से कम है।
पांच सीटों पर सीधा मुकाबला
विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस भाजपा
अलवर शहर अजय अग्रवाल संजय शर्मा
अलवर ग्रामीण टीकाराम जूली जयराम जाटव
तिजारा इमरान खान महंत बालकनाथ
थानागाजी कांति मीणा हेमसिंह भडाना
बानसूर शकुंतला रावत देवीसिंह
छह सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना
विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस भाजपा अन्य
रामगढ़ जुबेर खां जय आहूजा सुखवंत सिंह
राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ मांगेलाल मीणा बन्नाराम मीणा जौहरीलाल मीणा
किशनगढ़बास दीपंचद खैरिया रामहेत यादव सिमरत कौर
मुंडावर ललित यादव मंजीत चौधरी अंजलि यादव
कठूमर संजना जाटव रमेश खींची मंगलराम कोली
बहरोड़ संजय यादव जसवंत यादव बलजीत यादव
बागी न उजाड़ दे कांग्रेस व भाजपा की बगिया
इस बार विधानसभा चुनाव में जिले की आधी से ज्यादा सीटों पर बागी चुनाव मैदान में डटे हैं। इनमें कांग्रेस व भाजपा का टिकट नहीं मिलने पर तीसरे मोर्चे के दलों का दामन थाम चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी शामिल हैं। बागी नेताओं को चुनाव मैदान से नहीं हटा पाने के कारण इस बार कई सीटों पर कांग्रेस व भाजपा का चुनावी गणित गड़बड़ाने के आसार हैं। काफी प्रयास करने के बाद भी भाजपा राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ से केवल एक बागी सुनीता मीणा को अपने पक्ष में चुनाव मैदान से हटाने में सफल हो सकी।
ज्यादातर बागी नेताओं को मिला असपा का साथ
अलवर जिले में कांग्रेस व भाजपा के ज्यादा बागी नेताओं को तीसरे मोर्चे के दल असपा का साथ मिला है। जिले में पांच बागी नेता असपा के टिकट पर चुनाव मैदान में डटे हैं। हालांकि किशनगढ़बास सीट पर कांग्रेस की बागी नेता ने बसपा का सहारा लिया है।
भाजपा की सुनीता समेत 21 प्रत्याशियों ने लिए नाम वापस
अलवर जिले की 11 सीटों पर 21 प्रत्याशियों ने नाम वापस लिए हैं। इनमें किशनगढ़बास से असपा के शेरसिंह, निर्दलीय रिंकू कुमार, बहरोड़ से निर्दलीय गुरुदयाल सिंह यादव, रामप्रताप यादव, बानसूर से निर्दलीय राम प्रसाद, शीशराम चंदेला, अग्निवेश यादव, थानागाजी से निर्दलीय महंत प्रकाशदास, अलवर शहर से निर्दलीय शेर सिंह, श्रवण सिंघल, रामगढ़ से निर्दलीय जरनल जहुल हक, लखन दत्त शर्मा, विजय कुमार, राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ से निर्दलीय उम्मेदीलाल, रामस्वरूप मीणा, शिवचरण मीणा, सुनीता मीणा, सेढू राम मीणा, लक्ष्मीकांत, चन्द्रभान धानका तथा कठूमर से निर्दलीय खूबीराम वाल्मीकि शामिल है। नाम वापस लेने वालों में ज्यादातर निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं।
किस सीट पर कितने प्रत्याशी
विधानसभा उम्मीदवारों की संख्या
तिजारा 12
किशनगढ़बास 9
मुंडावर 10
बहरोड़ 7
बानसूर 5
थानागाजी 14
अलवर ग्रामीण 7
अलवर शहर 7
रामगढ़ 16
राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ 17
कठूमर 9