
विश्वविद्यालय का काम ठप (फोटो - पत्रिका)
राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय का काम ठप हो गया है। यहां करीब 61 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले विश्वविद्यालय के नए भवनों का निर्माण कार्य पिछले दो महीने से बंद पड़ा है। आरएसआरडीसी को विश्वविद्यालय की ओर से भुगतान नहीं मिलने के कारण काम बंद कर किया गया है। इन भवनों का अब तक 30 प्रतिशत निर्माण कार्य ही हो पाया है। भवनों की कमी और अधूरे निर्माण का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर नजर आ रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने भवन निर्माण के लिए पहले चरण में 15.50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे, जबकि दूसरे चरण में करीब 11 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना था। लेकिन समय पर राशि जारी न होने से निर्माण कार्य रुक गया। वहीं, एमओयू के अनुसार पूरे भवन निर्माण के लिए सिर्फ 18 महीने का समय निर्धारित है। गौरतलब है कि इनमें एकेडमिक भवन, गेस्ट हाउस, फ्लैट्स, लाइब्रेरी व अन्य निर्माण होना है।
नए भवनों से पहले विश्वविद्यालय के मौजूदा भवनों की स्थिति भी किसी से छिपी नहीं है। टुकड़ों में कराए गए निर्माण कार्य के कारण भवनों में दरारें पड़ने लगी हैं। प्लास्टर गिरने लगा है। बारिश के समय बेसमेंट में पानी भर जाता है, जिससे इमारत को लगातार नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद न तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने और न ही आरएसआरडीसी ने आज तक जलभराव की स्थायी समस्या का समाधान किया। इन्हीं जर्जर भवनों में कार्यालय और कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जबकि बेसमेंट पूरी तरह बेकार पड़ा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे काम बंद कर दिए गए हैं। विवि अधिकारियों के साथ कई बार बैठक की है, लेकिन भुगतान नहीं किया गया है। भवनों का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन होने के बाद रिपोर्ट सही आई है। भुगतान हो तो फिर से काम शुरू किया जा सकता है - सतीश कुमार, परियोजना निदेशक, आरएसआरडीसी, अलवर
Published on:
22 Jan 2026 11:52 am
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