
अलवर जिले में शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण अंचल को जोड़ने वाली सड़कों की हालत सही नहीं है। यूं तो हर सड़क पर गहरे गड्ढ़े व उखड़ी गिट्टियां मिल जाएगी, लेकन कई सड़क मार्ग ऐसे हैं, जिन पर विकट मोड़ है। निर्माण के दौरान इनका ध्यान नहीं रखा गया। साथ ही इन सड़कों के दोनों ओर खेत होने से साइडों में झाडि़यां व बिलायती बबूल अच्छादित है। इनसे सड़क मार्ग ही ढका नजर आता है, तो कई जगहों पर खेत मालिकों की ओर से तारबंदी की वजह व अतिक्रमण के कारण साइड के लिए जगह ही शेष नहीं रहती। ऐसे हालातों वाली सड़कों पर आए दिन दुर्घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है। ऐसी बानगी कई क्षेत्रों में मिल जाएगी, पढ़े़ यह रिपोर्ट।
स्टेट हाईवे 55 के किनारे झाड़ियां-बिलायती बबूल बने सिरदर्द, आए दिन हो रही दुर्घटनाएं
थानागाजी. कस्बे थानागाजी से आगे गुढाचुरानी-डेरा बामनवास-किशोरी होते हुए अजबगढ़ गोला का बास तक उक्त स्टेट हाइवे 55 के किनारे की झाड़ि़यां-बिलायती बबूल हादसे का कारण बन रहे हैं। सड़क पर झुके होने से आए दिन दुर्घटना का कारण बन रहे है। किशोरी बस स्टैंड से भीकमपुरा की तरफ मुख्य सड़क के दोनों तरफ कीकर व झांड़ियों का फैलाव मुख्य सड़क पर आधे से ज्यादा है। करीब 10 से 15 फीट की लंबाई वाली कीकर व कंटीली झाड़ि़यों के कारण राहगीर व मवेशी सामने से आ रहे वाहनों को देख नहीं पाते और इनकी चपेट में आ जाते हैं। सड़क के किनारे बनी नाली भी इन झाड़ियों के होने से दिखाई नहीं देती है, जिससे नाली में गिर जाने की सम्भावना बनी रहती है। इन झाड़ियों को साफ कराने के लिए न तो ग्राम पंचायत ध्यान दे रही और न ही सार्वजनिक निर्माण विभाग। श्याम कॉलोनी किशोरी निवासी प्रभुदयाल बलाई का कहना है कि सुबह बच्चे स्कूल के लिए जाते है तो इन कंटीली झाड़ियों की वजह से सड़क किनारे चलना मुश्किल जाता है। मजबूरन बच्चों को सड़क के बीच चलना पड़ रहा है। इन कंटीली झाड़ियों को नहीं हटाया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उक्त समस्या को लेकर सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मनीष धार से बात करनी चाही, लेकिन संपर्क नहीं हुआ।
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ग्रामीण अंचल के ग्रेवल रास्तों की बिगड़ी हालत
पिनान.डोरोली ग्राम पंचायत के मानाका सीमा से निकलने वाले रास्ते की दुर्दशा लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। एकलव्य माॅडल स्कूल सहित दर्जनों गांवों को जोड़ते हुए एनएच 921 से संपर्क बनाने वाले लिंक ग्रेवल सड़क के दोनों ओर पटरी पर बनी मेड़, जमा घास व भारी भरकम बबूल के पेड़ों से सड़क सकरी होती जा रही है, जिसके कारण बरसाती मौसम में पैदल निकलना तो दूर एक वाहन भी नहीं निकल सकता। अलवर-करौली नेशनल हाइवे सड़क से एकलव्य माॅडल स्कूल, पाटन, छिलोड़ी आदि गांवों को जाने के लिए यह रास्ता सुगम है, लेकिन हालात खराब होने के बाद वाया माचाड़ी होकर करीब दस किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर गंतव्य स्थान पर पहुंचना पड़ता है।
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राजगढ़-माचाड़ी सड़क के मध्य कंटीली झाड़ियां हादसे की दे रही न्यौता
राजगढ़. राजगढ़ -माचाड़ी सड़क के मध्य कंटीली झाड़ियां दुर्घटना को न्यौता दे रही है। बृजेन्द्र सिंह बबेली सहित अनेक नागरिकों ने बताया कि राजगढ़ -माचाड़ी सड़क के पास कंटीली झाड़ियां, टहनियों बड़ी होने से सड़क की पटरियों की ओर उनका झुकाव हो रहा है। इसे बचाव के प्रयास में हादसा की संभावना रहती है। चौपहिया वाहन चालक भी कंटीली झाड़ियों से बचने के लिए वाहन को ग़लत साइड में ले जाते है, जिससे वाहनों के आमने-सामने आ जाने से दुर्घटना हो सकती है। दोपहिया वाहन चालकों एवं राहगीरों को भी परेशानी हो रही है। इधर सहायक अभियन्ता पीडब्ल्यूडी राजगढ़ -सविता मीना का कहना है कि राजगढ़ -माचाडी स्टेट हाईवे 25 ए है। इस मार्ग के मध्य लगी कंटीली झाड़ियों को हटाने के लिए करीब पांच दिन में सफाई करवा दी जाएगी।
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सड़क किनारे बबूल से हो रहे हादसे, हटवाने की मांग
लक्ष्मणगढ़. कस्बे से रोनिजा जाट- सूरजगढ़ रोड़ पर लगे देशी बबूल के पेड़ों से आए दिन हादसे हो रहे है। काफी समय से सड़क किनारे बबूल के पेड़ों की कटाई व सफाई नहीं होने के चलते सड़क के दोनों ओर गहरे पेड़ हो गए। इन की टहनियों ने सड़क को दोनों ओर अपनी चपेट में ले लिया है। पेड़ इतने बड़े हो चुके है कि सामने से आ रहा वाहन भी दिखाई नहीं देता। इसीके चलते हादसे हो रहे हैं। चौपहिया वाहनों का निकलना भी दूभर हो रहा है। पूर्व में भी इन देशी पेड़ों के चलते हादसे हो चुके हैं, लेकिन इस ओर जनप्रतिनिधियों ने कोई ध्यान नहीं दिया है।
Published on:
08 Aug 2024 12:35 am
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