
अब हर गांव और हर व्यक्ति की कुण्डली होगी पुलिस के हाथ में, थानाधिकारी व पुलिसकर्मी करेंगे यह काम
. जिले के हर गांव-ढाणी, वार्ड और आदमी की कुण्डली अब पुलिस के हाथ में होगी। इसके लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर ली है जिसके तहत जिले के सभी थानाधिकारी शनिवार सुबह 8 से 10 बजे तक क्षेत्र के एक गांव और वार्ड में जाकर लोगों से मिलकर उनका डेटाबेस तैयार करेंगे। नियमित रूप से चलने वाले इस अभियान की रिपोर्ट रोजाना शाम को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भेजनी होगी। यदि पुलिस का ये अभियान सफल रहता है तो जिले में अपराध और अपराधियों पर काफी अंकुश लग सकेगा।
जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अभियान को लेकर गांवों की सूची तैयार की गई है जिसमें पहले दिन थानाधिकारी किन गांव और वार्डों में जाएंगे, ये भी तय किया गया है। कार्ययोजना के मुताबिक सभी थानों के बीट कांस्टेबल अपने-अपने क्षेत्र में जाकर वहां के लोगों से सम्पर्क करेंगे और उन्हें थानाधिकारी के गांव में आने की सूचना देंगे। इसके साथ ही वहां से कुछ लोगों के मोबाइल नम्बर लेकर जिला पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराएंगे। अगले दिन थानाधिकारी उन गांव व वार्डों में जाकर सार्वजनिक स्थलों पर लोगों के साथ बैठक करेंगे। इसमें लोगों को अपराध और तरीका-ए-वारदातों से अवगत कराते हुए सावचेत करेंगे। टटलूबाजी, ठगी व चोरी सहित यातायात नियमों की जानकारी देंगे।
यूं करेंगे डेटाबेस तैयार
थानाधिकारी गांवों में बैठक के दौरान समन वारंट, रोजनामचा रजिस्टर, अपराध रजिस्टर, हथियार रजिस्टर व डोर-टू-डोर रजिस्टर को अपने साथ लेकर जाएंगे। वहां लोगों के बीच बैठकर गांव और वार्डों में रह रहे लोगों के बारे में पूरी जानकारी करेंगे। गांव या वार्ड में कौन व्यक्ति किस प्रवृत्ति का है। कौन आपराधिक प्रवृत्ति का है तथा कौन अच्छे व्यक्ति हैं। कितने सरकारी कर्मचारी हैं। कितने अच्छे मकान हैं या लोगों के पास कौन-कौनसे वाहन हैं। ये सब रिकॉर्ड रोजाना गांव और वार्ड में जाकर तैयार करेंगे। शाम को उसे जिला पुलिस मुख्यालय भेजा जाएगा।
तीन श्रेणी में लिखेंगे गांवों का इतिहास
अलवर पुलिस जिले के गांव और शहरी वार्डों का इतिहास तीन श्रेणी में लिखेगी। अभियान की कार्ययोजना के मुताबिक गांव व वार्डों को तीन श्रेणी में बांटा गया। पहले चरण में ए-श्रेणी के गांव व वार्डों को लिया जाएगा। पहले चरण पूरा होने के बाद दूसरा और फिर तीसरा चरण चलेगा। इसमें क्रमश: बी और सी श्रेणी के गांवों को लिया जाएगा।
डीएसपी और एएसपी भी जाएंगे गांवों में
अभियान के तहत डीएसपी और एएसपी भी अपने सर्किल के गांवों में जाएंगे। वहां लोगों के बीच बैठक कर उनके व गांव के बारे में पूरी जानकारी जुटाएंगे। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण भूमिका बीट कांस्टेबलों रहेगी। वह गांव के एक-एक घर और व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटाने में मदद करेंगे।
ऑनलाइन होगा हर गांव का रिकॉर्ड
एएसपी, डीएसपी और थानाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की रोजाना की जानकारी शाम तक हर हाल में जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजेंगे। वहां से गांव या वार्ड की पूरी कुण्डली को फोटो सहित पुलिस की वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जाएगा।
Published on:
11 Aug 2018 09:49 am
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