16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रात को अचानक खुली नींद तो दिखा नौ फीट लंबा मगरमच्छ

सरिस्का बाघ परियोजना के समीप स्थित भंडोडी गांव में शुक्रवार तड़के करीब चार बजे सरिस्का वन कर्मियों ने 9-10 फीट लंबा मगरमच्छ पकड़ा। बाद में वनकर्मियों ने मगरमच्छ को सरिस्का जंगल में सिलीबेरी के तालाब में छोड़ दिया।

less than 1 minute read
Google source verification

सरिस्का बाघ परियोजना के समीप स्थित भंडोडी गांव में शुक्रवार तड़के करीब चार बजे सरिस्का वन कर्मियों ने 9-10 फीट लंबा मगरमच्छ पकड़ा। बाद में वनकर्मियों ने मगरमच्छ को सरिस्का जंगल में सिलीबेरी के तालाब में छोड़ दिया।

सरिस्का के सीसीएफ आरएस शेखावत ने बताया कि बीती रात करीब दो बजे पूर्व सरपंच पून्याराम जाट ने भंडोडी गांव में बड़ा मगरमच्छ पहुंचने की सूचना दी। इस पर सरिस्का वनकर्मियों की टीम रात को ही भंडोडी गांव पहुंची और सुबह करीब 4 बजे मगरमच्छ को रस्सों के माध्यम से पकड़ा। टीम ने मगरमच्छ को बाद में सिलीबेरी के तालाब में छोड़ दिया।

मगरमच्छ करीब 9-10 फीट लंबा पूर्व वयस्क था। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों तेज बारिश के दौरान सिलीबेरी नाले से पानी बहाव के साथ मगरमच्छ बहकर गांव के आसपास पहुंच गया। बाद में रेंगते हुए गांव पहुंच गया। मगरमच्छ के बारे में बीती रात ही सूचना मिली थी।

इससे पूर्व भी बारिश के दिनों मगरमच्छ के गांवों में मगरमच्छ पहुंचने की घटनाएं हुई हैं, लेकिन इतनी लंबाई का मगरमच्छ कम ही पानी से बाहर निकल पाता है। पानी से बाहर निकलने वाले ज्यादातर मगरमच्छ 4-5 फीट के होते हैं।

जिले में कई जगह है मगरमच्छ


अलवर जिले में सरिस्का बाघ परियोजना स्थित करनाकाबास, किरासका, सिलीबेरी, नटनीकाबारा सहित कुछ अन्य स्थानों पर मगरमच्छ हैं। इनमें सबसे ज्यादा सिलीसेढ़ में 200-250, नटनीका बारा में 7-8, करनाकाबास में 7-8, किरासका में 3-4, सिलीबेरी में 2-3 मगरमच्छ हैं।

ये भी पढ़ें

image