22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दिल्ली-अलवर रैपिड रेल को लेकर आई बड़ी खबर, कैबिनेट को डीपीआर की मंजूरी के लिए भेजेगा मंत्रालय

Delhi Alwar Rapid Rail की डीपीआर को कैबिनेट से मंजूरी दिलाने के लिए शहरी विकास मंत्रालय तैयारी कर रहा है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अलवर

•

image

Lubhavan Joshi

•

Updated: 22 Jun 2022, 4:54 PM IST

Delhi Alwar Rapid Rail Latest News DPR Will Sent To Central Government

दिल्ली-अलवर रैपिड रेल को लेकर आई बड़ी खबर, कैबिनेट को डीपीआर की मंजूरी के लिए भेजेगा मंत्रालय

अलवर. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ट्रांजिट कॉर्पोरेशन ( NCRTC ) की ओर से बनाए जाने वाले दिल्ली-अलवर रैपिड रेल ( Delhi Alwar Rapid Rail ) कॉरिडोर की डीपीआर जल्द कैबिनेट को भेजी जाएगी। शहरी विकास मंत्रालय की ओर से इस परियोजना को अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। एनसीआरटीसी की ओर से दिल्ली-अलवर रैपिड रेल (आरआरटीएस) की डीपीआर तैयार हो चुकी है। परियोजना में आने वाली लागत को स्टडी किया जा रहा है। इसके बाद कैबिनेट के समक्ष मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने में कुछ महीनों का वक्त लग सकता है।

राजस्थान और हरियाणा 2019 में दे चुके मंजूरी

दिल्ली-अलवर रैपिड रेल कॉरिडोर केन्द्र और राज्य सरकार का संयुक्त प्रोजेक्ट है। एनसीआरटीसी की ओर से दिल्ली से एससएनबी तक पहले चरण की डीपीआर बनाई जा चुकी है। डीपीआर को हरियाणा ने फरवरी 2019 और राजस्थान ने जून 2019 में मंजूरी दे दी है। अब केन्द्र सरकार की मंजूरी का इंतजार है। एनसीआरटीसी ने केन्द्र सरकार की मंजूरी मिलने से तैयारियां शुरू कर दी है। गुरुग्राम में सीवरेज लाइनों को शिफ्ट किया जा रहा है, वहीं मानेसर से नीमराणा तक 400 केवी की हाई टेंशन लाइन भी सफलतापूर्वक शिफ्ट की जा चुकी है।

अलग से टेलीकॉम स्पेक्ट्रम आवंटित किया जाएगा

रीजनल रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के लिए अलग से टेलीकॉम स्पेक्ट्रम आवंटित किया जाएगा। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के टेलीकॉम नेटवर्क मे इसका इस्तेमाल किया जाएगा। 160 किमी प्रति घंटा के कारण रैपिड रेल को बिना बाधा वाले टेलीकॉम नेटवर्क की आवश्यकता होगी। इसके लिए ट्राइ से बातचीत की जा रही है। कॉरिडोर में एनसीआरटीसी की ओर से टावर लगाए जाएंगे। रेल संचालन में जुटे स्टाफ इसका उपयोग करेंगे।

इस कारिडोर के लिए 700 मेगा हर्ट्ज बैंड स्पेक्ट्रम आवंटित करने के लिए एनसीआरटीसी की ओर से टेलीकाम रेगुलेरिटी अथोरिटी आफ इंडिया (ट्राइ) से बातचीत और अन्य संबंधित प्रक्रिया जारी है। रैपिड रेल कारिडोर के टेलीकाम नेटवर्क के लिए एनसीआरटीसी टावर लगाने और केबल बिछाने समेत अन्य काम करेगी। इस नेटवर्क का उपयोग प्रमुख रूप से रेल संचालन में जुटे स्टाफ जैसे-ड्राइवर, नियंत्रण कक्ष के कर्मचारी, अधिकारी करेंगे। इसके लिए टावर भी खुद के होंगे। इसके उपयोग से आवश्यक संदेशों का आदान-प्रदान अपेक्षाकृत काफी तेजी से और बिना बाधा के होगा।