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आरटीआई दिवस पर सूचना के अधिकार के महत्व बताए

आरटीआई कानून की 15वीं वर्षगांठ

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आरटीआई दिवस पर सूचना के अधिकार के महत्व बताए

आरटीआई दिवस पर सूचना के अधिकार के महत्व बताए

अलवर. सूचना का अधिकार कानून लागू होने की १५वीं वर्षगांठ पर शहर की पेपर-पैन टीम की ओर से स्वरूप विलास होटल में आरटीआई कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में आरटीआई और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सूचना का अधिकार कानून की विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में आम आदमी के अधिकारों की जानकारी देते हुए आरटीआई के महत्व बताए गए। कार्यक्रम में अलवर सहित बारां, झालावाड़, टोंक, सीकर, झुंझुनंू, बीकानेर, बाड़मेर और नागौर के आरटीआई कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सेवानिवृत आईपीएस अशोक चौधरी, मजदूर किसान शक्ति संगठन जयपुर से कमल टांक, सामाजिक कार्यकर्ता अंकुर शुक्ला, विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर के प्रतिनिधि मुस्तफा खान ने विचार रखे। कार्यशाला में बाड़मेर के आरटीआई कार्यकर्ता जगदीश गोलियां की पुलिस हिरासत में हुई मौत पर शोक व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में कला भारती की ओर से संास्कृतिक कार्यक्रम और गायन की प्रस्तुति दी गई।


कार्यकर्ताओं ने लोगों को किया जागरुक
आरटीआई कार्यकर्ताओं ने कार्यशाला में मौजूद लोगों को सामान्य नागरिक के अधिकारों की जानकारी दी। मजदूर किसान शक्ति संगठन के कमल टांक ने हाल ही में लॉच किए गए जनसूचना पोर्टल और आरटीआई कानून लागू कराने के लिए प्रदेश में किए गए संघर्ष की जानकारी दी। सेवानिवृत आईपीएस अशोक चौधरी ने लोकतंत्र, सूचना का अधिकार और लोक अदालत के जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी। वहीं कार्यकर्ता अंकुर शुक्ला ने कहा कि आरटीआई दुनिया का सबसे आसान कानून है। प्रत्येक आदमी को सरकारी कार्यालय में जाकर वहां के कामकाज जानने का हक है। आरटीआई कार्यकर्ताओं ने लोगों को इसके लिए जागरुक भी किया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। संचालन जितेन्द्र साबिर ने किया।