
अलवर। राजस्थान के अलवर की सेन्ट्रल जेल में बंद फलाहारी बाबा की जमानत याचिका को राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। फलाहारी बाबा पर छत्तीसगढ़ की युवती से यौन शोषण का आरोप है और वो जेल की हवा खा रहा है। बाबा की ओर से दायर याचिका को जस्टिस पंकज भंडारी की अदालत ने खारिज कर दिया।
पहले भी हुई याचिका खारिज
फलाहारी की यह दूसरी जमानत याचिका है जिसे कोर्ट ने खारिज किया है। इससे पहले 22 सितंबर 2017 को फलाहारी की ओर से 437 सीआरपीसी के तहत अर्जी लगाई थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। तभी से फलाहारी बाबा अलवर जेल में बंद है।
इससे पहले फलाहारी ने राजस्थान हाईकोर्ट से अपनी एक जमानत याचिका पिछले साल वापस ले ली थी। युवती से रेप के आरोपी जेल में बंद फलाहारी बाबा की जमानत याचिका पर 1 नवंबर 2017 को हाईकोर्ट में होनी थी। लेकिन सुनवाई से पहले ही याचिका हटा ली गई।
जानिए.. कौन है फलाहारी बाबा फलाहारी
बाबा का पूरा नाम जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीस्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी महाराज है। ये रामानुज संप्रदाय से साधु माने जाते हैं। अलवर में इनका व्यंकटेश दिव्य बालाजी धाम आश्रम है। वहां हर दिन भक्तों की भीड़ रहती है। फलाहारी बाबा अलवर में गौशाला भी चलाते हैं। कुंभ में शिविर लगाते हैं और संस्कृत के जानकार माने जाते हैं। कुछ समय पहले इन्होंने आश्रम में श्री व्यंकटेश की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की थी। इसमें बड़ी तादाद में श्रद्धालु और विशिष्ठ लोग आए थे। ऐसे बिलासपुर पहुंचा परिवार कुछ ग्रामीणों ने बताया, युवती के पिता करीब 20 साल पहले गांव में ही परिवार साथ रहते थे। उस दौरान परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी। लिहाजा, वे निजी नौकरी करते थे। इसी नौकरी के दौरान उन्हें ठेके का एक काम मिल गया। ठेके लेते लेते वे बिलासपुर की ओर पहुंच गए, जहां बाद में पूरा परिवार शिफ्ट कर लिया।
यह है मामला
राजस्थान के अलवर के संत कौशलेंद्र फलाहारी महाराज पर बिलासपुर की एक युवती ने बलात्कार का आरोप लगाया। उसने बिलासपुर महिला थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई। इस पर बाबा को गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोप लगाने वाली युवती मूल रूप से मैहर के पास स्थित एक गांव की रहने वाली है।
Published on:
13 Apr 2018 05:25 pm

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