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महाशिवरात्रि पर शिवालयों में गूंजेगा बम बम भोले,होली के बिखरेंगे रंग

अलवर

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Jyoti Sharma

Feb 03, 2026

अलवर. फाल्गुन मास सोमवार से प्रारंभ हो गया।जो कि 3 मार्च तक रहेगा। यह मास, उल्लास और उत्सव का प्रतीक माना जाता है। इस महीने की पूर्णिमा के दिन चंद्रमा फाल्गुनी नक्षत्र में स्थित होता है, यही कारण है कि इसे फाल्गुन मास कहा जाता है। इस महीने महा​शिवरात्रि, होली व धुलंडी के साथ ही खाटूश्याम जी का मेला भी भरेगा। खास बात यह है इस मास में चांद दिखने पर रमजान माह भी प्रारंभ हो जाएगा। इसके साथ ही इस माह शादी ब्याह के भी अनेक मुहूर्त बन रहे हैं।

इस मास में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व पर भोलेनाथ की आराधना की जाएगी। 19 फरवरी को फुलेरा दोज का अबूझ सावा रहेगा। इसके बाद 24 फरवरी को होली से आठ दिन पहले होलाष्टक प्रारंभ हो जाएंगे। इस मास के अंत में 2 मार्च को फाल्गुनी शुक्ल चतुर्दशी प को होलिका दहन होगा। 3 मार्च फाल्गुनी पूर्णिमा को धुलंडी पर्व मनाया जाएगा। इसी के साथ ही महिलाओं का सौलह दिवसीय गणगौर पूजा का पर्व प्रारंभ हो जाएगा। इसके साथ ही इस मास में सीकर के खाटूधाम में श्याब बाबा का लक्खी मेला भरेगा। जिसमें अलवर जिले से बड़ी संख्या में श्याम भक्तों की पदयात्राएं अलवर से रवाना होकर खाटूधाम पहुंचेगी। इधर. माघ पूर्णिमा को होली का डांडा रोपने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में होली की तैयारी शुरू हो गई है।

चंद्रग्रहण व सूर्यग्रहण भी है इस माह में

17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या पर देव पितृ अमावस्या रहेगी, इस दिन चंद्र ग्रहण रहेगा जो कि भारत में दिखाई नहीं देगा। 3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा पर धुलंडी पर्व के साथ साथ चंद्र ग्रहण भी रहेगा जो कि भारत में भी दिखाई देगा।

चांद दिखने पर 19 फरवरी से रमजान माह प्रारंभ हो जाएगा, जिसमें समाज के लोग रोजा रखेंगे। इधर--जैन मंदिरों में 24 फरवरी से अष्टान्हिका पर्व भी प्रारंभ हो जाएगा।फाल्गुन का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस महीने दान-पुण्य करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और चंद्र देव की पूजा से मानसिक शांति और तनाव से मुक्ति मिलती है। जिन लोगों की कुंडली में चंद्र दोष है, उनके लिए यह पूजा विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है।इधर, इस मास के प्रारंभ में शुक्र उदय होने के साथ ही शादी ब्याह की रौनक भी रहेगी। खास तौर से फुलेरा दोज के अबूझ सावे से।

इस मास में आने वाली तिथियां

5 फरवरी को संकष्टी चतुर्थी, 8 फरवरी को भानू सप्तमी, 9 फरवरी को कालाष्टमी,12 फरवरी को स्वामी दयानंद सरस्वती,13 फरवरी विजया एकादशी]14 फरवरी शनि प्रदोष,15 फरवरी महाशिवरात्रि, 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या पर पितरों को तृपण किया जाएगा। 19 फरवरी को फुलेरा दोज व खाटू श्याम धाम में मेला भी प्रारंभ होगा, 21 फरवरी - विनायक चतुर्थी,24 फरवरी - होलाष्टक प्रारंभ, 27 फरवरी को आमलकी एकादशी, 28 फरवरी को प्रदोष व्रत,