
अलवर। भारतीय सेना में साथ काम करते समय कंवरपाल सिंह चौहान से उसके साथी सैनिकों ने वादा किया कि जब तुम्हारी बेटी की शादी होगी, तब हम सब आशीर्वाद देने आएंगे। कुछ समय बाद कंवरपाल सिंह चौहान शहीद हो गए। बुधवार को कंवरपाल सिंह चौहान की बेटी बबली कंवर की शादी थी। कंवरपाल सिंह चौहान के साथी सैनिक दोस्त से किया वादा निभाने उसके गांव कुतीना पहुंचे और बबली कंवर को आशीर्वाद देकर विदा किया।
ग्रामीणों ने बताया कि शहीद कंवरपाल सिंह चौहान की यूनिट से सात और राष्ट्रीय राइफल से दस सैनिक कुतीना गांव पहुंचे। उन्होंने शहीद कंवरपाल सिंह चौहान से किए वादे के अनुसार उनकी पुत्री के विवाह में पिता की तरह सभी रस्मों को पूरा कर बबली कंवर को विदा किया। साथ ही उपहार स्वरूप 51 हजार रुपए का चेक सौंपा।
एक जुलाई 1980 को अलवर जिले के ग्राम कुतीना में जन्मे कंवरपाल सिंह चौहान 10वीं कक्षा उत्तीर्ण कर 18 जुलाई 2000 को सेना में भर्ती हुए थे। वे एक जनवरी 2009 को दुश्मनों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए थे। कंवरपाल की मां का नाम कमला देवी और पिता का नाम हीरा सिंह चौहान है।
Updated on:
07 Mar 2025 08:46 am
Published on:
06 Mar 2025 08:50 pm
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