
इस बार भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पर गहराए संकट के बादल, रथयात्रा मार्ग की हालत जानकर आपको भी आएगा गुस्सा
अलवर. शहर में निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा पर इस बार संकट के बादल मंडरा सकते हैं। रथयात्रा निकलने में महज कुछ ही दिन शेष हैं, वहीं प्रशासनिक लापरवाही व ढिलाई के चलते अब तक रथयात्रा मार्ग पूरी तरह से बदहाल स्थिति में हैं। करीब 169 साल पुरानी रथयात्रा पुराना कटला स्थित जगन्नाथ मंदिर से रवाना होकर रूपबास स्थित रूपहरि मंदिर तक शहर में करीब 6 किलोमीटर की दूरी 10 घंटे में तय करती है।
रथ यात्रा के दर्शन के लिए शहर ही नहीं जिले भर से श्रद्धालु उमड़ते हैं, लेकिन शहर की सडक़ों की हालत देख इस बार रथयात्रा निर्विघ्न पहुंचने पर शहरवासियों को संदेह होने लगा है।
जिम्मेदारों का नहीं ध्यान
जिले की ऐतिहासिक रथयात्रा की तैयारियों के प्रति जिम्मेदार विभागों का अब तक ध्यान नहीं जा सका है। यही कारण है कि यात्रा मार्ग की हालत अब तक नहीं सुधरी है।
रथयात्रा में एक सप्ताह का समय भी नहीं
उड़ीसा में जगन्नाथपुरी की तर्ज मनाए जाने वाले भगवान जगन्नाथ महोत्सव की शुरुआत 11 जुलाई को गणेश पूजन से हो चुकी है। महोत्सव का मुख्य आयोजन 21 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की निकलने वाली रथयात्रा होगी। रथ यात्रा पुराना कटला स्थित जगन्नाथ मंदिर से शाम 7 बजे रवाना होगी। मंदिर समिति की ओर से रथयात्रा की तैयारियां शुरू की जा चुकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब भी तैयारियों का इंतजार है। खास बात यह है कि अलवर में निकलने वाली रथयात्रा भगवान जगन्नाथ व जानकी मैया के विवाहोत्सव के रूप में निकाली जाती है।
पहले भी हो चुकी अप्रिय घटनाएं
करीब चार साल पहले जब अलवर की सडक़ों की हालत खराब थी और कई स्थानों पर गड्ढे बने थे, उस दौरान भी रथ का पहिया गड्ढे में जाने से रथ का संतुलन बिगड़ गया और उसमें सवार एक व्यक्ति झटका लगने से नीचे आ गिरा था। इससे पूर्व रथयात्रा के दौरान गड्ढों के चलते एक बार रथ का पहिया भी निकल चुका है। ऐसे में इस बार भी लोगों की चिंताएं भगवान जगन्नाथ व जानकी मैया की रथयात्रा को लेकर बढ़ रही हैं।
Published on:
16 Jul 2018 09:34 am
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