अक्टूबर 2019 से बिल ही जमा नहीं कराया न सेस की राशि समायोजित की
अलवर. नगर परिषद की ओर से रोडलाइट का 17 करोड़ रुपए का बकाया बिल जमा नहीं कराने पर शनिवार बिजली निगम ने अलवर में अनेक स्थानों पर रोडलाइट कनेक्शन काट दिए। इस कारण ज्यादातर शहर अंधेरे में डूबा रहा। परिषद की ओर से अक्टूबर 2019 से न तो रोडलाइट के बिल जमा कराए जा रहे हैं और न ही अरबन सेस की निगम की ओर से दी जा रही राशि को समायोजित कराया गया है।
बिजली निगम के अधिशासी अभियंता शहर खंड इशाक खान ने बताया कि रोडलाइट का 17 करोड़ रुपए जमा कराने के लिए कई बार नगर परिषद को कहा गया है। निगम की ओर से अरबन सेस की दी जा रही राशि को रोडलाइट बिल के पेटे समायोजित कराने को कहा गया है, लेकिन अब तक न तो रोडलाइट बिल की राशि जमा कराई गई और न ही अरबन सेस की राशि का समायोजन कराया गया। चेतावनी देने के बाद भी नगर परिषद की ओर से 17 करोड़ का बिल जमा नहीं कराने पर रोडलाइट के कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू करनी पड़ी है। शनिवार को शहर के कई प्रमुख जगहों के रोडलाइट कनेक्शन काटने पड़े हैं।
अलवर शहर में सरकारी कार्यालयों पर करोड़ बकाया
अलवर शहर में नगर परिषद पर रोडलाइट के बिलों की 17 करोड़ की राशि के अलावा अन्य सरकारी विभागों पर करीब 7 करोड़ की राशि बिजली बिल की बकाया है। इनमें ग्राम पंचायत, जलदाय विभाग, मिनी सचिवालय, सेटेलाइट हॉस्पिटल सहित अन्य विभाग शामिल हैं। सरकारी विभागों की ओर से बकाया बिल की राशि जमा नहीं कराने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
अरबन सेस ले रहे 5 करोड़ 3 करोड़ का बिल नहीं भर रहे
बिजली निगम की ओर से अलवर शहर के बिजली उपभोक्ताओं से हर साल करीब 5 करोड़ रुपए का अरबन सेस वसूल नगर परिषद को दिया जा रहा है। वहीं शहर की रोडलाइट का साल में करीब 3 करोड़ रुपए का बिल आता है। निगम की ओर से अरबन सेस की राशि तो हर साल ली जा रही है, लेकिन उसमें से रोडलाइट का बिल जमा नहीं कराया जा रहा। जबकि बिजली निगम की ओर से उसके कार्यालय के यूडी टैक्स के करीब 50 लाख की राशि समायोजित कराने के लिए भिजवा दी गई है।