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मदर्स डे पर विशेष.. मां के आंचल में दुनिया की जन्नत, दुखों को दूर करती ममता की मूरत…. देखें फोटो गैलेरी ….

मां पुकारने वाली हजारों आवाज अमिता शॉ ने बताया कि वे बायोलॉजिकल मां कभी नहीं बनी क्योंकि वह ङ्क्षसगल थी। लेकिन उनका हजारों-लाखों बच्चों से जुड़ाव रहा। उन्होंने बताया कि उन्होंने जीजस मैरी स्कूल और ब्रिटिश स्कूल दिल्ली में बच्चों को पढ़ाया। इसके बाद 26 साल राष्ट्रीय बाल भवन में डायरेक्टर रहीं। पांच साल विदेश जाकर मोरिसिस में सरकार की तरफ से जाकर भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार किया, वहां मेरे सेंटर पर हजारों बच्चों आते थे। इस दौरान मैंने हमेशा बच्चों के पर्सनेलिटी डवलपमेंट के ऊपर काम किया। मेरा विषय फिजिकल एजूकेशन और ड्रामा था। बच्चों को भाषण देना और आत्म विश्वास विकसित करना मैंने सिखाया।

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अलवर

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kailash Sharma

May 11, 2025

शीलू कौशिक बताती हैं कि 2012 में मेरे पति संजय कौशिक का मानेसर में एक्सीडेंट हुआ। वे बाइक पर थे, ट्रक ने सामने से टक्कर मारी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। 17 महीने वह कोमा में रहे। इलाज में एक करोड़ रुपए लग गया।

मीना देवी ने बताया कि मेरी चार बेटियां हैं। 2004 में मेरे पति की अचानक बीमार होने से मृत्यु हो गई। अचानक पति के जाने से कुछ समझ नहीं आया। परिवार को संभालने वाला शख्स अचानक चला गया। पति का सैलून का काम था। उस समय बड़ी बेटी दस साल की थी। जब पति थे तब मैं सिर्फ घर का काम ही करती थी। पति की मृत्यु के बाद बेटियों को पालने के लिए घरों में जाकर काम करना शुरू किया। सोच कि मेहनत कर ही बेटियों को पालूंगी। एक ही उद्देश्य था कि अब घर और बाहर दोनों जगह की जिम्मेदारी मुझे ही संभालनी है। बेटियों को पढ़ाया और उनका विवाह किया। तीन बेटियों का विवाह कर चुकी हैं।

मां पुकारने वाली हजारों आवाजअमिता शॉ ने बताया कि वे बायोलॉजिकल मां कभी नहीं बनी क्योंकि वह ङ्क्षसगल थी। लेकिन उनका हजारों-लाखों बच्चों से जुड़ाव रहा। उन्होंने बताया कि उन्होंने जीजस मैरी स्कूल और ब्रिटिश स्कूल दिल्ली में बच्चों को पढ़ाया। इसके बाद 26 साल राष्ट्रीय बाल भवन में डायरेक्टर रहीं। पांच साल विदेश जाकर मोरिसिस में सरकार की तरफ से जाकर भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार किया, वहां मेरे सेंटर पर हजारों बच्चों आते थे। इस दौरान मैंने हमेशा बच्चों के पर्सनेलिटी डवलपमेंट के ऊपर काम किया। मेरा विषय फिजिकल एजूकेशन और ड्रामा था। बच्चों को भाषण देना और आत्म विश्वास विकसित करना मैंने सिखाया।