
अलवर। सिलीसेढ़ सरिस्का टाइगर रिजर्व का राजस्व बफर एरिया है। इसमें दो दर्जन से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट बने हैं, जिन पर अब शिकंजा कसने की तैयारी है। यहां अब जमीनों की खरीद कम होने लगी। इसके कारण जमीनों के रेट भी कम होने लगे। यहां 5 से 6 करोड़ रुपए प्रति बीघा के दाम लग गए थे। अब लोग यहां जमीन खरीदने से कतरा रहे हैं।
इसी तरह टहला, राजगढ़ एरिया भी सरिस्का से सटा है। क्रिटिकल टाइगर हैबीटेट (सीटीएच) से एक किमी के दायरे में करीब 35 होटल व रेस्टोरेंट बन गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीटीएच से एक किमी में चल रही 92 खानें बंद हो चुकी हैं। अब बारी अन्य प्रतिष्ठानों पर की जा रही है। यहां सिवायचक, नदी, नाला, पहाड़ की जमीन पर बने प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई होगी।
राजस्थान पत्रिका ने मुद्दा उठाया तो यहां इंवेस्ट कर रहे लोग जाग रहे। जमीनों की खरीद कम हो गई। जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े कुछ लोगों का कहना है इस क्षेत्र में भी जमीनों के रेट काफी कम हुए हैं। कुछ लोगों ने प्रतिष्ठान बेचे भी हैं, लेकिन रकम नहीं मिली। कुछ ने होटल बनाने के लिए जमीन ली थी, लेकिन वह कार्रवाई के डर से शुरू नहीं कर रहे हैं। अजबगढ़ एरिया भी बफर में है। इस एरिया में भी जमीनों के रेट कम हुए हैं।
Published on:
26 Nov 2024 01:38 pm
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