
Tribute to aspect Pahlu khan by Karwan-e-mohabbat in behror
बहरोड़. अलवर.
गौ-तस्कर पहलू खां की मौत के मामले में श्रद्धांजलि देने को लेकर सेवानिवृत्त आईएएस हर्षमंदर के नेतृत्व में शुक्रवार को कारवां-ए-मोहब्बत यात्रा बहरोड़ पहुंची। यहां लोगों व क्षेत्र के संगठनों ने यात्रा का घटनास्थल पर जाने का विरोध किया, जिससे तनाव का माहौल हो गया। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने समझाइश कर उनको घटनास्थल के बजाय हाईवे पर जागुवास चौराहे के पास श्रद्धांजलि दिलवाकर यात्रा को रवाना किया।
कारवां-ए-मोहब्बत यात्रा के सदस्यों की बस कड़ी पुलिस सुरक्षा में बहरोड़ के डीएसपी कार्यालय पर पहुंची, जहां पर यात्रा के प्रमुख पूर्व आईएएस हर्षमदंर अपने साथियों के साथ एडीएम आरपी चतुर्वेदी, एएसपी राजेन्द्र सिंह, एसडीएम सुरेश यादव, डीएसपी परमाल गुर्जर व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर घटना और पुलिस जांच की जानकारी ली। उसके बाद दल के सदस्य पहलु खां की मौत वाले घटना स्थल उद्योग क्षेत्र में श्रद्धांजलि सभा के लिए चले तो उनका क्षेत्र के संगठनों व कस्बे के लोगों ने यह कह कर विरोध किया कि इससे आपसी सौहार्द बिगाडऩे का कार्य किया जा रहा हैैं।
इसको लेकर विरोध में नारेबाजी होने लगी तो पुलिस ने समझाइश की पर विरोध बढऩे लगा, जिस पर डीएसपी परमाल गुर्जर ने कहा किकानून व्यवस्था बिगडऩे की आंशका है, इसलिए घटनास्थल पर दल को जाने की अनुमति नहीं दे सकते। अनुमति नहीं मिलने पर पूर्व आईएएस हर्षमंदर हाईवे की सर्विस लेन पर धरने पर बैठ गए। उनके साथ अन्य सदस्य भी बैठ गए और कहा कि श्रद्धांजलि देने के बाद ही जाएंगे। उनकी पुलिस से काफी देर तक बहस हुई।
बहरोड़ डीएसपी परमाल सिंह ने घंटेभर समझाइश कर कारवां यात्रा के लोगों व हिंदू संगठनों को विश्वास में लिया। इधर, हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं को भी उग्र होने से रोका गया। इसके बाद डीएसपी गुर्जर ने घटना स्थल के बजाय पास ही जागुवास चौक के पास श्रद्धांजलि दिलवा कर रवाना किया । सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल तैनात था। गौरतलब है कि इसी वर्ष एक अप्रेल को अलवर के बहरोड़ में गौवंश ले जा गौतस्कर की लोगों की भीड़ के पिटाई करने से मौत हो गई थी।
अमन व भाईचारे का दे रहे संदेश
गुजरात कैडर के रिटायर्ड आईएएस हर्षमदंर करीब 40 लोगों के साथ इस यात्रा पर निकले हैं। शुक्रवार सुबह अलवर से बहरोड़ पहुंची, जहां संवाददताओं से बात करते हुए हर्षमंदर ने कहा कि देश में अल्पसंख्यकों और दलित लोगों पर हमले बढ़ते ही जा रहे हंै। देश में प्रेम व भाईचारे की संस्कृति रही है। सभी शांति-प्रेम चाहते हैं। इसी को लेकर मोहब्बत का कारवां निकाला गया है।
...नहीं दे पाए जवाब
कारवां-ए-मोहब्बत यात्रा के सदस्य रिटायर्ड आईएएस हर्षमदंर से जब पत्रिका ने सवाल पूछा कि क्या वह देश में गौ तस्करों द्वारा पुलिस की हत्या मामले में कभी किसी पुलिस वाले की मौत पर या कश्मीर मे देश के जवानों की हत्या पर दुख जताने के लिए यात्रा लेकर गए हैं, इस पर वे निरुत्तर हो गए और कुछ बोले बिना ही बस में सवार हो गए।
Published on:
16 Sept 2017 03:46 pm
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
