मालाखेड़ा. सरिस्का क्षेत्र में एलिवेटेड रोड का रूट बदलने की मांग को लेकर गुरुवार को कई गांवों के ग्रामीणों की भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले भर्तृहरि तिराहे पर प्रेमनाथ की बगीची में सभा हुई। इसको लेकर कुशालगढ़, माधोगढ़, भर्तृहरि, इंदौक सहित कई गांवों में बाजार पूर्णतया बंद रहे। ग्रामीणों ने मांगों से प्रशासन को अवगत कराया और शाम चार बजे महिला-पुरुषों ने सरिस्का गेट की तरफ कूच कर दिया। जहां पहुंचकर उन्होंने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने यहां धरना शुरू कर दिया है।भारतीय किसान यूनियन के सदस्य जयकिशन गुर्जर ने बताया कि कुशालगढ़, माधोगढ़, भर्तृहरि, इन्दौक सहित कई गांवों में बाजार पूर्णत बंद रहे। ग्रामीणों की मांग है कि एलिवेटेड रोड का निर्माण केवल सरिस्का से थैंक्यू बोर्ड तक ही सीमित किया जाए। गौरतलब है कि नटनी का बारां से बन रहे एलिवेटेड रोड को तालवृक्ष होते हुए ले जाने की योजना है। इससे दर्जनों गांव प्रभावित होंगे। इसे लेकर एलिवेटेड रोड संघर्ष समिति पहले ही गांव-गांव जाकर जनजागरूकता अभियान चला चुकी है। महासभा में कई प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन की रुपरेखा बनाई गई। वहीं दूसरी मांग सरिस्का क्षेत्र में स्थित पांडुपोल हनुमान जी महाराज के दुपहिया वाहन बंद करने को लेकर भी श्रद्धालुओं में रोष है। इस दौरान मौके पर मालाखेड़ा तहसीलदार मेघा मीणा, अकबरपुर थाना अधिकारी प्रेमलता वर्मा सहित अन्य कार्मिक मौजूद रहे। मालाखेड़ा तहसीलदार ने बताया महिला -पुरुषों से बातचीत कर समझाने का प्रयास किया गया। लेकिन वे नहीं माने और पांडुपोल सरिस्का के सदर गेट पर धरना- प्रदर्शन करने के लिए रवाना हो गए। जहां धरने पर बैठ गए।