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हरियाणा में अकाली दल की राह में पंजाब का एजेंडा सबसे बड़ी बाधा

शिरोमणि अकाली दल इस बात से वाकिफ है कि हरियाणा में उसकी चुनावी अपील कामयाब नहीं होगी...

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akali dal

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(चंडीगढ): पंजाब के मुख्यधारा के राजनीतिक दल शिरोमणि अकाली दल ने रविवार को हरियाणा के कुरूक्षेत्र जिले के पीपली में रैली का आयोजन कर भले ही आगामी लोकसभा चुनाव अपने बूते लड़ने का ऐलान कर दिया लेकिन हरियाणा में इस पार्टी की राह में सबसे बडी बाधा इसका पंजाब आधारित एजेंडा है। पंजाब और हरियाणा के बीच अभी राजनीतिक विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा नदी जल बटवारे का है। इस विवाद पर अकाली दल समेत सभी राजनीतिक दलों का रूख यह है कि नदी जल पर तटवर्ती सिद्धांत के अनुसार पंजाब का एकाधिकार है। पंजाब किसी और राज्य को पानी की एक बूंद नहीं देगा। दूसरी ओर हरियाणा के सभी राजनीतिक दल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सतलुज-यमुना सम्पर्क नहर का निर्माण कर नदी जल में हरियाणा के हिस्से का पानी लाने पर जोर दे रहे हैं।

शिरोमणि अकाली दल इस बात से वाकिफ है कि हरियाणा में उसकी चुनावी अपील कामयाब नहीं होगी। उधर अकाली दल के पूर्व सहयोगी दल इंडियन नेशनल लोकदल ने रविवार को पीपली रैली में अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखवीर सिंह बादल द्वारा आगामी लोकसभा चुनाव हरियाणा में अपने बूते लड़ने के ऐलान पर सोमवार को ठण्डी प्रतिक्रिया दी। इंडियन नेशनल लोकदल के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष चैधरी अभय सिंह चौटाला ने सोमवार को कहा कि चुनाव लड़ना सभी का अधिकार है। यदि कोई हरियाणा में चुनाव लड़ना चाहता है तो लड़े। इससे पहले अकाली दल हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल के साथ मिलकर चुनाव लड़ता रहा है। लेकिन पंजाब में अकाली दल द्वारा सत्ता में रहते हुए सतलुज-यमुना सम्पर्क नहर के लिए अधिग्रहण की गई जमीन मुक्त करने के मुद्दे पर इंडियन नेशनल लोकदल ने अकाली दल से गठबंधन तोडने का ऐलान कर दिया था।


हरियाणा में राजनीतिक दलों के साथ आम लोग भी नदी जल का पानी हासिल की अपने प्रदेश को सरसब्ज देखना चाहते हैं। ऐसे में अकाली दल को हरियाणा में सफलता मिलना संदिग्ध है। ऐसी हालत में समझा यह जा रहा है कि अकाली दल रणनीति के तहत हरियाणा के चुनावी मैदान में ताल ठोकना चाहता है। समझा यह जा रहा है कि अकाली दल के जरिए केन्द्र में सत्तारूढ एनडीए हरियाणा के सिख और पंजाबी वोटों का बटवारा करना चाहता है। पीपली रैली में सुखवीर बादल ने जो अपील की है उससे साफ होता है कि अकाली दल की नजर पंजाबी वोटों पर ही है। सुखवीर ने रैली में हरियाणा में अकाली दल की जीत का दावा करते हुए कहा कि प्रदेश में नया इतिहास रचने के लिए पंजाबी अकाली दल के झंडे तले एकजुट हों। सुखवीर के पंजाबी समुदाय को ही टारगेट करने से साफ है कि हरियाणा के चुनाव मैदान में अकाली दल के अपने बूते उतरने का कदम एक रणनीति का हिस्सा है।

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