21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सपा के इस पूर्व विधायक को हत्या के मामले में कोर्ट ने जारी किया समन, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

जिले की टांडा विधानसभा सीट से इस बार चुनाव जीती भाजपा की विधायक संजू देवी के पति राम बाबू गुप्ता के हत्या के प्रमुख गवाह उनके सगे भतीजे राम मोहन गुप्ता हत्याकांड का है मामला.

3 min read
Google source verification

image

Abhishek Gupta

Jul 07, 2017

Ajimulhaq

Ajimulhaq

अम्बेडकर नगर. जिले की टांडा विधानसभा सीट से इस बार चुनाव जीती भाजपा की विधायक संजू देवी के पति राम बाबू गुप्ता के हत्या के प्रमुख गवाह उनके सगे भतीजे राम मोहन गुप्ता हत्याकांड के मामले में नामजद पूर्व सपा विधायक अजीमुल हक पहलवान समेत तीन अन्य आरोपियों को जिला एवं सत्र न्यायालय से समान जारी हुआ है, जिसके बाद एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हडकंप मच गया है|


बताते चलें कि समाजवादी पार्टी की सरकार में 4 दिसंबर 2013 को राम मोहन गुप्ता की हत्या उनके मेडिकल स्टोर पर गोली मार कर कर दी गई थी | उसी साल 2013 में ही 3 मार्च को राम मोहन गुप्ता के चाचा और हिन्दू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष और वर्तमान में भाजपा की टांडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक संजू देवी के पति राम बाबू गुप्ता की हत्या जिले के अलीगंज थाना क्षेत्र में शाम को कर दी गई थी | राम बाबू की हत्या के मामले में उनके परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन इस हत्या की साजिश का आरोप तत्कालीन सपा विधायक अजीमुल हक पहलवान पर लगाया था | राम बाबू की हत्या काण्ड के बाद टांडा में जमकर उपद्रव, आगजनी और दंगा हुआ था, जिसमे कई दिन तक टांडा में कर्फ्यू लगा हुआ था |



ये है पूरा मामला-
राम बाबू गुप्ता हत्याकांड के प्रमुख गवाह रहे उनके सगे भतीजे राम मोहन को भी 4 दिसंबर 2013 की शाम को उनके मेडिकल स्टोर पर ही गोली मार दी गई थी जिसके बाद एक बार फिर जमकर उपद्रव हुआ और उनके परिजन राम मोहन की लाश को लेकर अपने आवास के सामने ही रात में धरने पर बैठ गए थे। इसमे पुलिस ने आधी रात में जब लोगों की भीड़ कम हुई तो राम मोहन के परिजनों की पिटाई करते हुए उनकी लाश को घसीट कर ट्रक में लाद कर जबरन उठा ले गए थे | इस मामले में दूसरे दिन पुलिस ने काफी दबाव में तीन अन्य अभियुक्तों के साथ तत्कालीन सपा विधायक अजीमुल हक़ पहलवान के खिलाफ हत्या और हत्या की साजिश का मुकदमा दर्ज किया था|


राम बाबू हत्या कांड मामले में तो पुलिस ने अजीमुल हक़ को पहले ही क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन राम मोहन की हत्या के मामले में नामजद होने के बावजूद पुलिस ने अजीमुलहक पहलवान समेत चारों हत्याभियुक्तों इरफ़ान, रहमान और शाहिद को भी क्लीन चिट दे दी थी| जबकि राम बाबू के परिजन इस मामले में पुलिस पर सत्ता पक्ष के दबाव का आरोप लगाते हुए अपनी मांगों को लेकर तीन महीने से अधिक समय तक अपने घर के बाहर धरने पर बैठे रहे| बाद में पुलिस ने राम मोहन की हत्या कांड का खुलासा करते हुए दानिश इरफ़ान सिद्दीकी पुत्र मुन्ना बनारसी निवासी टांडा, मुन्ना उर्फ़ अबरार पुत्र अली अहमद निवासी बेवाना व मास्टर उर्फ़ मोहम्मद उमर पुत्र फ़तेह मोहम्मद निवासी पहिती पुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था | बाद में इस हत्याकांड का मास्टर माइंड बताते हुए सैफ उर्फ़ अबूबकर पुत्र राशिद निवासी बेलासपुर को जलालपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था जहां वो अभी भी कैद है।


राजनीतिक संरक्षण का पूर्व विधायक पर लगता रहा है आरोप-
एक ही साल में एक ही परिवार से दो लोगों की हत्या के मामले में जिले की राजनीति पूरे पांच साल के सपा के कार्यकाल में गर्म रही | यहाँ तक कि 2014 के लोकसभा चुनाव में अम्बेडकर नगर में एक जनसभा को संबोधित करने आये वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मंच पर संजू देवी को अपने साथ खड़ा करके यह आश्वासन दिया था कि इस मामले में अब और अन्याय नहीं होने दिया जायेगा | राम बाबू के परिजनों का सीधा आरोप था कि सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस पूरी तरह उनका उत्पीड़न कर रही थी | यहाँ तक कि इस परिवार के ऊपर इन दोनों हत्याकांड के बाद कई फर्जी मुक़दमे भी दर्ज कर दिए|


इतना ही नहीं इस परिवार की तरफ से भी राम मोहन की हत्या के बाद उनकी लाश को घसीटने के आरोप में तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक राजीव मल्होत्रा, सीओ टांडा और तत्कालीन थानाध्यक्ष अलीगंज के खिलाफ अदालत से मुकदमा दर्ज कराया है, जो विचाराधीन है |

विधायक संजू देवी और उनके परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने नामजद अभियुक्तों में विधायक समेत सभी को क्लीन चिट दे दी। इसमें पुलिस की तरफ से न्यायालय में दाखिल आरोप पत्र में विधायक समेत इन अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही न करने का आरोप लगाया है। साथ ही न्यायालय से इन अभियुक्तों को तलब करने के आवेदन पत्र पर अपर जिला जज चतुर्थ की अदालत ने पूर्व विधायक अजीमुल हक पहलवान समेत सभी चारों अभियुक्तों को समन जारी कर आगामी 2 अगस्त को सुनवाई के लिए तलब किया है | इस हत्याकांड में यह पहला मौका है जब इसमें पूर्व सपा विधायक अजीमुलहक पहली बार किसी जांच में तलब हुए हैं |

ये भी पढ़ें

image