उन्होंने बताया था कि गृहमंत्री ने अपनी पत्नी, पुत्र-पुत्री व रिश्तेदारों के नाम से जमीन, पेट्रोल पंप सहित कई अन्य चल-अचल संपत्ति खरीदी है। वहीं दो वर्षों में 40 लाख से अधिक की स्वेच्छा अनुदान की राशि गरीबों की जगह अमीरों, एक ही परिवार के सदस्यों, पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को देकर भारी भ्रष्टाचार किया है।