मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान सरगुजा संभाग में जिन ग्रामीण परिवारों के घर भोजन किया था, मुख्यमंत्री ने सोमवार को उन्हें अपने निवास पर दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया।
अम्बिकापुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान सरगुजा संभाग में जिन ग्रामीण परिवारों के घर भोजन किया था, मुख्यमंत्री ने सोमवार को उन्हें अपने निवास पर दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि मैंने आप सब के घर भोजन किया था, जिस स्नेह और अपनत्व से आप लोगों ने मेरा स्वागत किया उससे मैं अभिभूत हूं।
आज मुझे आप सभी को अपने निवास पर आमंत्रित कर स्वागत करने का अवसर मिला है। भोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के पास जाकर बड़ी आत्मीयता से मुलाकात की और उनके घर-परिवार का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने सरगुजा से आए मेहमानों का पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन मूंग दाल का देहाती बड़ा, मूंग भाटा आलू की सब्जी, टमाटर चटनी और आम के पना के जायके के साथ स्वागत किया।
वहीं सरगुजा के ग्राम करजी से आई मधुलिका प्रजापति ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को बताया कि जब आप मेरे घर भोजन के लिए आये थे तो मैंने आपको अपने द्वारा बनाया आपका स्केच भेंट किया था। आपको स्केच भेंट करती फोटो जनमन पत्रिका के कवर पर प्रकाशित हुई है। इसे देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। इसलिये मैं आज फिर आपका स्केच बनाकर आपको भेंट करने लाई हूं।
मधुलिका ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है और आगे खैरागढ़ विश्वविद्यालय से चित्रकला की पढ़ाई करना चाहती हूं। मुख्यमंत्री ने मधुलिका की कला की खूब सराहना की और खैरागढ़ विश्वविद्यालय में उसका दाखिला कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
सीएम को भेंट की गुड़ व लीची
सीतापुर विधानसभा के मैनपाट विकासखण्ड के ग्राम राजापुर से आए राजनाथ एक्का ने बताया हमने कभी सोचा भी नहीं था कि मुख्यमंत्री आदिवासी किसान के घर आएंगे, उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि हम लोगों ने मुख्यमंत्री को लकड़ा की चटनी और कोइलरी भाजी खिलाई थी। आज मुख्यमंत्री निवास आकर बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री जी को घर से लाया गुड़ और अपने बाग की लीची भेंट की।