बच्चों की मौसी ने कहा कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से पढ़ाई-लिखाई में आ रही है दिक्कत, गुहार सुनकर बेसहारा दो बच्चों का जिला प्रशासन बना सहारा
अंबिकापुर. एक युवती अपनी बहन के 2 मासूम बच्चों को लेकर मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन में पहुंची। बच्चों के पिता जेल में है, जबकि उनकी मां उन्हें छोडक़र कहीं चली गई। इधर बेसहारा मासूम बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी मौसी पर आ गई। मौसी ने बच्चों के भरण पोषण और पढ़ाई कराने की गुहार जनदर्शन में लगाई। इस पर जिला प्रशासन ने तत्काल कार्यवाही करते हुए आगामी स्कूल सत्र में नज़दीकी शासकीय हॉस्टल में दाखिला दिलाने बीईओ को निर्देशित किया। अब इन बेसहारा बच्चों को जिला प्रशासन का सहारा मिल गया है।
दरअसल सरगुजा जिले के मैनपाट ब्लॉक मुख्यालय के तराई क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोटवंदना में रहने वाली सुपिला पैकरा अपनी बड़ी बहन के 2 बेटों के साथ कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में पहुंची।
उसने अपनी आर्थिक स्थिति को बयां करते हुए बच्चों के पढ़ाई-लिखाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए स्कूल में दाखिला करने गुहार लगाई। सुपिला ने बताया कि बच्चे के पिता किसी मामले में जेल में हैं और इनकी मां इन्हें छोड़ कर चली गई है।
इसके बाद से दोनों बच्चे नाना-नानी व मौसी के साथ रह रहे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण दोनों बच्चों को पढ़ाने में काफी कठिनाई हो रही है।
गांव के समीप बालक आश्रम कराया जाएगा दाखिला
बच्चों की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा तत्काल आदेश जारी कर बच्चों का स्कूल में दाखिला कराने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया।
नए सत्र में बच्चो को गांव के समीप बालक आश्रम में दाखिला कराया जाएगा, जिससे बच्चे अपना बेहतर भविष्य गढ़ सकेंगे। प्रशासन की मदद से मौसी और बच्चों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। जिला प्रशासन की इस पहल पर युवती ने जिला प्रशासन का आभार जताया।