Land fraud: किसान को रजिस्ट्री ऑफिस तक ले गए थे बिचौलिए, किसान जब ग्रामीण बैंक से ऋण लेने पहुंचा तो मैनेजर ने बताया कि बिक चुकी है उसकी 6 एकड़ जमीन, बात सुनकर किसान रह गया हैरान
अंबिकापुर. Fake land sold: सरगुजा जिले में जमीन के बिचौलिए सक्रिय हैं। वे राजस्व अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत से शासकीय व निजी जमीन का फर्जी तरीके से पट्टा व रजिस्ट्री करवाकर बेच रहे हैं। कई मामले में तो ग्रामीण या किसान को पता भी नहीं चल पाता कि उसकी जमीन बिक चुकी है। ऐसा ही एक मामला उदयपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है। सौर पैनल लगवाने के नाम पर अनुसूचित जनजाति के एक किसान की 6 एकड़ जमीन बिचौलियों ने रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाकर जमीन दूसरों के नाम रजिस्ट्री करा दी। किसान 3 जुलाई को जब लोन लेने बैंक पहुंचा तो पता चला की उसकी जमीन दूसरे के नाम बिक्री हो चुकी है। यह सुनते ही किसान के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। उसने मामले की शिकायत उदयपुर थाने में की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार बोधराय मझवार उदयपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मानपुर का रहने वाला है। एक वर्ष पूर्व उसके घर गांव के ही विजय यादव व सतीश आए थे। दोनों ने उससे कहा कि ग्राम सायर स्थित उसकी जमीन पर सौर पैनल लगवा देंगे। इसके लिए तुम जमीन का कागज दो।
उसने दोनों पर भरोसा कर जमीन का कागज दे दिया। इसके बाद विजय व सतीश उसे बाइक पर बैठाकर अंबिकापुर के तहसील कोर्ट परिसर स्थित भूमि रजिस्ट्री दफ्तर ले गए और दस्तावेज पर अंगूठा व साइन करवा लिया। अंगूठा लगने के बाद उन्होंने कहा कि अब तुम्हारे जमीन पर सौर पैनल लग जाएगा। इसके बाद उसे बाइक में घर लाकर छोड़ दिए।
बैंक पहुंचा किसान तो फर्जीवाड़े की खुली पोल
3 जुलाई को बोधराय उदयपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक में ऋण लेने पहुंचा तो पता चला कि ग्राम सायर स्थित उसकी 6 एकड़ जमीन ग्राम पंडरखी निवासी अमर साय को मुख्तार बनाकर जमीन की बिक्री कर दी गई है। यह बात सुनते ही बोधराय के पैरों तले से जमीन खिसक गई।
उसने उदयपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मानपुर निवासी विजय यादव, ग्राम सायर निवासी सतीश, ग्राम पेंडरखी निवासी अमर साय मझवार व गांधीनगर थाना क्षेत्र के गंगापुर खुर्द निवासी दोमनिक टोप्पो के खिलाफ उदयपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चल रही है जांच
शिकायत आने के बाद मामले की जांच शुरु की गई। जांच में मामला अभी सत्य नहीं पाया गया है। मामले में और विवेचना की जा रही है। पूरी जांच के बाद ही मामला स्पष्ट हो पाएगा।
ओमप्रकाश यादव, उदयपुर थाना प्रभारी