Major Dr Nilesh Singh: पंजाब के पठानकोट में पदस्थ मेजर डॉ. निलेश सिंह का 6 फरवरी को हार्ट अटैक से हो गया था निधन, 8 फरवरी को अंबिकापुर स्थित पैतृक निवास लाया गया था पार्थिव शरीर, कोरोना काल में हो गई थी पिता की मृत्यु, घर के थे इकलौते पुत्र
अंबिकापुर. Major Dr. Nilesh Singh: पंजाब के पठानकोट में सेना में पदस्थ मेजर डॉ. निलेश का हृद्याघाट से निधन हो गया था। उनका तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर बुधवार को अंबिकापुर शहर पहुंचा। शव देख मां जहां लिपटकर रोने लगी, वहीं अन्य परिजनों सहित वहां मौजूद मोहल्लेवासियों की आंखों में आंसू आए गए। गुरुवार को सैन्य सम्मान के साथ मेजर स्व. निलेश का शहर के शंकरघाट स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सेना के अधिकारी ने स्व. मेजर की मां को पार्थिव शरीर लिपटा तिरंगा भेंट किया तो वे भावुक हो गईं।
गौरतलब है कि अंबिकापुर शहर के सत्तीपारा निवासी डॉ. निलेश सिंह सेना में मेजर के रूप में पदस्थ थे। वे वर्तमान में पठानकोट में कार्यरत थे। 6 फरवरी को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था।
यह खबर जब उनके घरवालों को लगी तो वे गम में डूब गए। उनका तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर 8 फरवरी को उनके पैतृक निवास अंबिकापुर के सतीपारा स्थित रानी सती मंदिर के पास लाया गया। तिरंगे में लिपटा शव देख मां उससे लिपटकर रोने लगी। इस दौरान वहां का माहौल गमगीन हो गया।
सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, भावुक हो उठीं मां
मेजर डॉ. निलेश सिंह का अंतिम संस्कार शहर के शंकरघाट स्थित मुक्तिधाम में गुरुवार को सैन्य सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान सेना के अधिकारी ने उन्हें पार्थिव देह लिपटा तिरंगा स्व. मेजर की मां को सौंपा तो वे भावुक हो उठीं। इस दौरान भारत माता की जय, और मेजर निलेश अमर रहें के नारे गूंज उठे।
कोरोना काल में पिता की हो गई मौत
गौरतलब है कि स्व. मेजर निलेश के पिता स्व. रत्नेश्वर सिंह की मौत कोरोना काल में हो गई थी। वहीं स्व. मेजर निलेश इकलौते पुत्र थे। पति के बाद अब पुत्र के निधन से मां को गहरा आघात पहुंचा है।