Ambikapur-Renukoot Rail line Padyatra: अंबिकापुर के महामाया मंदिर में पूजा कर रेणुकूट के लिए रवाना हुए पदयात्री, सुबह 10 बजे राज्यसभा सांसद द्वारा पदयात्रियों को संबोधित करने के बाद शुरु होगी पदयात्रा
अंबिकापुर. Ambikapur-Renukoot Rail line Padyatra: अंबिकापुर-रेणुकूट रेल विस्तार को लेकर सरगुजा क्षेत्रीय सर्वदलीय रेल संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित रेल जुड़ाव चेतना पदयात्रा हेतु सरगुजा की आराध्य मां महामाया के मंदिर में पूजा-अर्चना कर यात्री रेणुकूट के लिए रवाना हुए। यह पदयात्रा 1 से 4 सितंबर तक रेणुकूट से अंबिकापुर तक आयोजित है। इस पदयात्रा के दौरान रेलवे (Railway) द्वारा प्रस्तावित समस्त 11 स्टेशनों पर सभा एवं पदयात्रा का आयोजन रेल संघर्ष समिति द्वारा किया जाएगा। 1 सितंबर को रेणुकूट स्टेशन से पदयात्रा शुरु होगी, जहां पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं आमजनों की उपस्थिति में सभा का भी आयोजन होगा। इसके बाद यात्रा आगे के लिए रवाना होगी।
रेणुकूट को अंबिकापुर से रेल द्वारा जोडऩे के लिए जन जागरण चेतना पदयात्रा आज 1 सितंबर को रेणुकूट रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होने जा रही है। रेणुकूट रेलवे स्टेशन में सुबह 10 बजे राज्यसभा सांसद रामसकल पदयात्रियों को संबोधित कर इस अंबिकापुर रेणुकूट रेल जुड़ाव चेतना पदयात्रा का शुभारंभ करेंगे।
इस अवसर पर रेणुकूट रेलवे स्टेशन पर एक सभा प्रस्तावित है, इसमें समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गौड़, रॉबट्र्सगंज विधायक भूपेश चौबे, राष्ट्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री काउंसिल एनआरयूसीसी रेल मंत्रालय के सदस्य श्रीकृष्ण गौतम, भाजपा के वरिष्ठ नेता राम नरेश पासवान के अतिरिक्त सरगुजा अंबिकापुर से आए बड़ी संख्या में पदयात्री तथा स्थानीय नागरिक शामिल होंगे।
पहले दिन बभनी मोड़ में होगा रात्रि विश्राम
रेणुकूट से प्रारंभ हुई यह चेतना पदयात्रा अनवरत म्योरपुर में जाकर सभा का रूप लेगी एवं दोपहर भोजन पश्चात पुन: किरविल और बभनी मोड़ पर सभा प्रस्तावित है। पदयात्रियों का रात्रि विश्राम बभनी मोड़ के समीप स्थित सेवा कुंज कारीडांड़ में होगा।
अगले दिन पुन: यह पदयात्रा (Rail line Padyatra) अपने गंतव्य की ओर रवाना होगी जिसका अगला पड़ाव पशुपतिपुर होते हुए छत्तीसगढ़ के वाड्रफनगर में होगा। इस पदयात्रा को लेकर छत्तीसगढ़ उत्तर प्रदेश के संबंधित क्षेत्र में पर्याप्त उत्साह देखा जा रहा है।
प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों पर पद यात्रियों के व्यापक एवं आत्मीय स्वागत की तैयारी स्थानीय नागरिकों द्वारा की गई है। सरगुजा रेल संघर्ष समिति की पदयात्रा द्वारा अधिक से अधिक संख्या में नागरिकों एवं रेल मार्ग के आकांक्षियों से यात्रा में शामिल होने एवं समर्थन देने की अपील की गई है।
पदयात्रा में होंगी ये गतिविधियां
इस पदयात्रा में सभाओं के अतिरिक्त ग्राम पंचायतों से रेल मार्ग के समर्थन में प्रस्ताव प्राप्त करना, समर्थन पत्र का संग्रहण, मार्ग में हस्ताक्षर अभियान के अलावा पदयात्रा की स्मृति को स्थायी रखने हेतु हर एक पड़ाव पर पौधरोपण भी किया जाएगा।
पदयात्रा का अंतिम पड़ाव डांडकरवंा और देवरी चंदौरा होते हुए प्रतापपुर में होगा। यहां से एक सभा के पश्चात पदयात्रा मायापुर कल्याणपुर होते हुए अंबिकापुर में एक विशाल आम सभा का रूप लेते हुए पूर्ण होगी।