
America: Amoeba Naegleria Fowleri Found in Drinking Water, Aalert Issued in 8 Cities
वॉशिंगटन। कोरोना महामारी ( Corona Epidemic ) से पूरी दुनिया जूझ रही है और इससे अब तक करीब 10 लाख लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सवाल तीन करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। इस महामारी से सबसे अधिक अमरीका प्रभावित हुआ है। अमरीका में दो लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 70 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।
इन सबके बीच अमरीका में पीने के पानी में दिमाग खाने वाला अमीबा ( Amoeba Naegleria Fowleri ) मिलने के बाद से हड़कंप मच गया है। यह घातक अमीबा पीने के पानी के सप्लाई के अंदर मिला है। यह घातक अमीबा मिलने के बाद से आठ शहरों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिमाग खाने वाला यह अमीबा दक्षिण पूर्व टेक्सास में पेयजल के अंदर मिला है। अमीबा के बारे में पता चलते ही एक कस्बे में आपदा का ऐलान कर दिया गया है। टेक्सास के पर्यावरण कमिशन ने तत्काल एक चेतावनी जारी करते हुए स्थानीय नागरिकों से पेयजल को इस्तेमाल करने से मना कर दिया गया है।
गर्म जगहों पर पाया जाता है ये अमीबा
अमरीका के बीमारी रोकथाम केंद्र ने बताया है कि इस अमीबा का नाम नेगलेरिया फाउलरली ( Naegleria Fowleri ) है, जो कि इंसान के दिमाग को खा जाता है। यह जीवाणु आम तौर पर मिट्टी, गर्म झील, नदियों या फिर गर्म धाराओं में पाया जाता है। इसके अलावा यह जीवाणु ठीक से रखरखाव नहीं किए जाने वाले स्वीमिंग पूल और फैक्ट्रियों से छोड़े गए गरम पानी में भी रहता है।
शुक्रवारी की शाम को पीने के लिए सप्लाई किए जाने वाले पानी के अंदर यह अमीबा पाया गया। आयोग ने कहा कि इस समस्या के जल्द से जल्द समाधान के लिए कोशिश की जा रही है।
पानी इस्तेमाल न करने की चेतावनी जारी
केंद्र ने तत्काल प्रभाव से चेतावनी जारी कर दिया है और दक्षिण पूर्व टेक्सास के आठ शहरों लेक जैक्शन, फ्रीपोर्ट, एंगलेटोन, ब्राजोरिया, रिचवुड, ऑयस्टर क्रीक, क्लूट, रोजेनबर्ग के लोगों से कहा गया है कि वे सप्लाई किए जाने वाले पीने के पानी का इस्तेमाल न करें। इसके अलावा लेक जैक्शन इलाके में आपदा की घोषणा की गई है।
मामला सामने आने के बाद से प्रशासन सप्लाई चेन के गंदे पानी को निकालने में जुट गया है। बताया जा रहा है कि यह घटना इसी महीने के 8 तारीख (8 सितंबर) की है। 8 तारीख को ही 6 साल के एक बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जांच में डॉक्टरों को बच्चे के अंदर यह घातक अमीबा मिला। जब इस घटना के बाद पानी की जांच की गई तो उसमें Naegleria fowleri पाया गया। डॉक्टरों की सलाह पर तुरंत पूरे इलाके में सप्लाई के पीने के पानी का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी जारी कर दी गई।
दिमाग में कैसे प्रवेश करता है यह अमीबा
आपको बता दें कि सीडीसी ने जानकारी देते हुए बताया है कि Naegleria Fowleri बहुत ही घातक होता है। इससे पहले इस अमीबा से ग्रसित कई मामले सामने आ चुके हैं। पहली बार इस जीवाणु के बारे में 1962 में पता चला था। 2009 से लेकर 2018 तक 34 मामले सामने आए थे, जबकि 1962 से लेकर 2018 के बीच 145 लोग इस जीवाणु से ग्रसित पाए गए। इनमें से महज 4 लोग ही जिंदा बच सके। यानी के इस जीवाणु के संपर्क में आने वाले 97 फीसदी लोगों का बचना मुश्किल है।
ट्रल ऑफ डिजीज कंट्रोल के मुताबिक, इस अमीबा के शिकार ज्यादातर लोग स्विमिंग के दौरान होते हैं। स्विमिंग के समय यह जीवाणु व्यक्ति के नाक में प्रेवश कर जाता है और फिर धीरे धीरे दिमाग में प्रवेश कर जाता है और दिमाग के टिश्यूज को खाना शुरू कर देता है। र, लोग इस तरह के अमीबा के शिकार स्विमिंग के दौरान होते हैं। जब नेगलेरिया फाउलरली उनकी नाक में प्रवेश करके उनके दिमाग तक पहुंच जाता है और दिमाग के टिश्यूज को खाना शुरू कर देता है।
Updated on:
27 Sept 2020 03:11 pm
Published on:
27 Sept 2020 02:48 pm

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