2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जिबूतीः चीन ने लेजर हथियार से साधा अमरीकी विमान पर निशाना, चीन ने बताया बेबुनियाद

लेजर हथियार से अमरीकी विमानों को निशाना बनाने के आरोप से चीन ने इनकार किया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Mangala Prasad Yadav

•

Updated: 5 May 2018, 3:44 PM IST

American aircraft

वाशिंगटनः अमरीका और चीन में एक फिर से टकराव देखा जा रहा है। अमरीका का आरोप है कि सैन्य ग्रेड के लेजर का इस्तेमाल कर चीन ने उसके विमानों को निशाना बनाया है। अमरीका का दावा है कि जिबूती सैन्य अड्डे पर चीनी सैनिको की कार्रवाई में विमान के दो पायलट घायल हो गए। चीन ने अमरीका के इस दावे को निराधार बताया है। चीनी आधिकारियों की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि जांच के बाद ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि अमरीका के दावे में सच्चाई है। बता दें कि जिबूती सैन्य अड्डा होर्न ऑफ अफ्रीका प्रायद्वीप में स्थित है।

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है जिबूती
जिबूती में चीन ने साल 2017 में अपना पहला विदेशी नेवी बेस बनाया है। लाल सागर के दक्षिण में स्थित जिबूती सामरिक दृष्टि से काफी अहम है। यहां पर चीन के सैन्य बेस के पहले से ही अमरीका का मिलिट्री बेस है। यहां पर जापान का भी सैन्य बेस है। जिबूती में चीन की मजबूत स्थिति से भारत भी चिंचिंत है। लेकिन जिस तरह के आरोप अमरीका ने चीन पर लगाए हैं वह इस लिहाज से काफी गंभीर है क्‍योंकि लेजर बीम बेहद खतरनाक हथियार माना जाता है। अगर अमरीका के दावे को सही मान लिया जाए तो यह दुनिया के लिए भी चिंता की बात है। अमरीकी मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक चीन ने उच्च क्षमता वाले लेजर से अमरीकी विमानों को निशाना बनाया। जिसमें दो अमरीकी पायलट घायल हो गए। इस मामले की शिकायत अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने चीनी रक्षा मंत्रालय से भी की है।

क्या है लेजर बीम ?
रक्षा क्षेत्र में लेजर बीम को सबसे खतरनाक हथियार माना जाता है। दरअसल यह हथियार दिखाई नहीं देता लेकिन इसका वार अचूक होता है। लेजर बीम से किसी भी चीज को तबाह किया जा सकता है। यह तकनीक अमरीका, चीन और रूस के पास है। इस क्षेत्र में भारत काफी पीछे है। भविष्य में ऐसा ही एक हथियार प्रणाली भारत भी विकसित कर रहा है, लेकिन वह लेजर सिस्टम से बिल्कुल अलग है। इस योजना के तहत जिस वेपन को बनाने की कोशिश की जा रही है उसको काली नाम दिया गया है। लेजर बीम को अन्य हथियारों के मुकाबले सस्ती तकनीक मानी जाती है लेकिन इसका निशाना अचूक होता।