
hafiz saeed File Pittion in UN
वॉशिंगटन: मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और दुनिया का मोस्ट वॉन्टेड आतंकी हाफिज सईद अपनी रिहाई के बाद ये कह रहा है कि वो आतंकी नहीं है इसके लिए उसने संयुक्त राष्ट्र में अपील भी की है। हाफिज ने यूएन से ये अपील की है कि उसका नाम आतंकियों की लिस्ट से हटा दिया जाए। इसको लेकर जमात-उद-दावा के चीफ हाफिज सईद ने यूएन में एक अर्जी लगाई है। ये अर्जी 'मिर्जा एंड मिर्जा' नाम की फर्म की तरफ से दाखिल की गई है।
नावेद रसूल मिर्जा ने दाखिल की है अर्जी
हाफिज सईद की इस अर्जी को नावेद रसूल मिर्जा नाम के वकील ने यूएन में दाखिल किया है। नावेद रसूल मिर्जा पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो में वकील रह चुके हैं और इसके अलावा वो पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल भी रह चुके हैं। आपको बता दें कि हाफिज सईद के पिछले एक साल की नजरबंदी के बाद पाकिस्तान की एक अदालत के आदेश पर रिहा किया गया था।
अमरीका ने रखा है 65 करोड़ का ईनाम
आपको बता दें कि हाफिज सईद को यूएन की तरफ से आतंकी घोषित किया गया है। अमरीका ने हाफिज सईद पर 65 करोड़ का ईनाम भी रखा हुआ है। हाल ही में हाफिज की रिहाई को लेकर भारत समेत दुनिया के कई देशों ने इसका विरोध किया है। हाल ही में अमरीका ने भी हाफिज सईद की रिहाई का विरोध किया था और अब फ्रांस ने भी हाफिज सईद की रिहाई का विरोध किया है।
रिहाई का लाहौर में मना था जश्न
हाफिज सईद ने अपनी रिहाई के बाद लाहौर में जश्न भी मनाया था। उसने अपने लाखों समर्थकों के साथ केक काटकर जश्न मनाया था। हाफिज ने रिहाई के बाद कश्मीर को लेकर भी बयान दिया था, जिसमें उसने कहा था कि कश्मीर के लिए उसकी लड़ाई जारी रहेगी और वो कश्मीर को भारत से लेकर रहेगा। हाफिज सईद ने कहा था कि भारत उसका कुछ नहीं कर पाएगा।
90 दिनों के लिए हिरासत में भी लिया गया था
हाफिज को पंजाब सरकार ने आतंकवाद रोधी कानून 1997 के तहत 31 जनवरी को सईद और उसके चार सहयोगियों को 90 दिनों के लिए हिरासत में लिया था। सईद के साथ उसके साथी अब्दुल्ला उबैद, मलिक जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद और काजी काशिफ हुसैन को हिरासत में लिया गया था। प्रांतीय सरकार ने लोक सुरक्षा कानून के तहत उन्हें हिरासत में लिया था।
Updated on:
28 Nov 2017, 12:26 PM IST
Published on:
28 Nov 2017, 10:03 AM IST
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