एच- 1 बी वीजा: सख्त हुआ अमरीकी प्रशासन, आवेदनों में आई कमी

एच- 1 बी वीजा: सख्त हुआ अमरीकी प्रशासन, आवेदनों में आई कमी

Siddharth Priyadarshi | Publish: Apr, 03 2018 04:08:26 PM (IST) अमरीका

रुझानों के अनुसार भारतीय कंपनियों की तरफ से एच- 1बी वीजा के लिए बेहद कम आवेदन किए गए हैं।

वॉशिंगटन। अमरीका में नौकरी पाने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए नए नियमों के अनुसार एच- 1बी वीजा के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है।लेकिन इस बार भारतीय आईटी कंपनियों में इस वीजा को लेकर कम दिलचस्पी देखने को मिल रही है। अब तक काफी कम संख्या में भारत की कंपनियों ने वीजा के लिए आवेदन किया है। माना जा रहै है कि ट्रम्प प्रशासन द्वारा वीसा आवेदनों की सख्ती से जांच करने के घोषणा के बाद आवेदकों की संख्या में भारी कमी आई है।

दरअसल भारतीय कंपनियों पर हमेशा से ही आरोप लगते रहे हैं कि वे वीजा के लिए काफी आवेदन भेजती हैं। लेकिन इस बार ट्रंप के कड़ी जांच के प्रावधान के बाद इन आवेदनों में भारी कमी आई है। अब तक मिले रुझानों के अनुसार भारतीय कंपनियों की तरफ से एच- 1बी वीजा के लिए बेहद कम आवेदन किए गए हैं।

भारी पड़े रहे नए नियम

सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल ने दुनिया भर में वीसा आवेदनों की प्रक्रिया पर अध्ययन करने के बाद कहा है कि बीते कुछ सालों में एच- 1बी वीजा के लिए यह सबसे कठिन प्रक्रिया है। इसकी वजह से आवदेनकर्ताओं को काफी दिक्कतें आ रही हैं। यूएस सिटीजनशिप और इमिग्रेशन सर्विसेस ने भी इस बात के संकते दिए हैं कि आवेदन में जरा सी भी गलती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बार-बार एच -1 बी वीजा के लिए अप्लाई करने पर आवेदन निरस्त हो सकता है। कोई भी व्यक्ति किसी कपंनी की ओर से एक विषय के अंदर ही फॉर्म भर सकता है। अलग अलग कंपनियों की और से आवेदन करने वालों के लिए लंबे समय तक यूएस वीसा से प्रतिबंधित किया जा सकता है। फॉर्म पर डेट ऑफ ज्वाइनिंग या फिर 'यथासंभव शीघ्र' जैसे शब्दों का जिक्र करने से भी आवेदन खारिज कर दिए जाएंगे।

क्या है एच- 1बी वीजा?

इस वीजा की शुरुआत 1990 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने शुरू की थी। एच-1बी वीजा ऐसे विदेशी प्रोफेशनल्स के लिए जारी किया जाता है जो किसी 'खास' काम में कुशल होते हैं। एच- 1बी वीजा अप्रवासियों को वीजा है, जो विदेशी कर्मचारियों को अमरीका में काम करने की इजाजत देता है। आईटी कंपनियां इस वीजा पर बहुत अधिक निर्भर हैं। हर साल भारत और चीन जैसे देशों से हजारों कर्मचारियों को इस वीजा के जरिए नौकरियां मिलतीं हैं। इसके लिए आम तौर उच्च शिक्षा की जरूरत होती है। कंपनी जिस व्यक्ति को हायर करती है ,उसकी तरफ से उसे एच- 1बी वीजा के लिए आवेदन करना होता है।पिछले साल अमरीका ने एच-1 बी वीज़ा के लिए दो लाख से अधिक आवेदन प्राप्त किए थे।

एच- 1बी वीजा से सबसे ज्यादा फायदा भारतीय आईटी पेशेवरों को होता है। बता दें कि अमरीका के बैंकिंग, ट्रैवल और आईटी सर्विसेज भारत के आईटी वर्कर्स पर निर्भर हैं, लेकिन इस बार वीजा के लिए सख्ती इन पेशेवरों पर भारी पड़ती नजर आ रही है।

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