
नई दिल्ली। अमरीकी प्रशासन ने अपने वीजा नियमों में तब्दीली करते हुए वीजा की समाप्ति के बाद अमरीका में रह रहे स्टूडेंट्स को देश से बाहर निकालने का रास्ता साफ कर दिया है।ट्रंप प्रशासन के द्वारा शुक्रवार देर रात जारी किये गए एक गवर्नमेंट ड्राफ्ट के अनुसार इससे सबसे ज्यादा प्रभावित वो स्टूडेंट्स होंगे जिनकी पढाई पूरी हो चुकी है और जिन्हें नौकरी का इंतजार है।
क्या है नई नीति
ट्रम्प प्रशासन द्वारा वीजा नियमों में की गई तब्दीली 9 अगस्त से प्रभावी हो जाएगी जिसमें गैर कानूनी रूप से अमरीका में रहना संभव नहीं रह जाएगा। प्रस्तावित अमरीकी नीति के तहत स्टूडेंट्स की गैर कानूनी मौजूदगी की अवधि को उस दिन से ही गिनना शुरू कर दिया जाएगा जब से उनका वीजा स्टेटस एक्सपायर हो जाता है।
क्या है यूएस स्टूडेंट वीजा
बता दें कि अमरीका स्टूडेंट्स के लिए F-१ वीजा जारी करता है। इस वीजा में स्टूडेंट्स को अपना वीजा खत्म होने के बाद 60 दिन का ग्रेस दिया जाता ताकि वे इस दौरान अपने वीजा स्टेटस को बदल सकें या अमरीका छोड़ कर चले जाएं। स्टूडेंट्स पहले नियमों को सख्ती से पालन न कराये जाने के कारण अमरीका में कही छुप कर रह लेते थे और बाद में काम मिल जाने पर अपना वीजा स्टेट्स बदलवा लेते थे। मौजूदा नियमों के मुताबिक अमरीका में गैरकानूनी मौजूदगी की गणना तब से की जाती है जबसे कोई वीजा या पुलिस अधिकारी नियमों का कोई कोई उल्लंघन पाते हैं या फिर आव्रजन जज आरोपी को वापस भेजने का आदेश पारित करते हैं। नए नियमों के अनुसार अब 180 दिनों से अवधि तक गैर-कानूनी तरीके से अमरीका में रहने पर 3 से लेकर 10 साल तक अमरीका में प्रवेश पर बाधा लगाई जा सकती है।
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नई नीति के तहत उन स्टूडेंट्स पर कार्रवाई होगी जिन्हें वर्क स्टेटस नहीं मिल पाया है और जो फिर से वर्क वीजा के लिए आवेदन करना चाहते हैं। बता दें कि इंटरनैशनल स्टूडेंट डेटा के मुताबिक अमरीका में भारतीय छात्रों की संख्या 2016-17 की अवधि में 12 प्रतिशत बढ़ी है। अमरीका में अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स की संख्या के मामले में भारत चीन के बाद दूसरे स्थान पर है।
Published on:
13 May 2018 11:47 am

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